अमेरिकी नाकेबंदी को खुली चुनौती! होर्मुज की 'दीवार' फांदकर निकले ईरानी जहाज, क्या फेल हो गया ट्रंप का प्लान?

Iran Ships Break Hormuz: ट्रंप की सख्त समुद्री नाकेबंदी के बावजूद कम से कम दो जहाज होर्मुज को पार कर गए हैं। जहाजों की इस आवाजाही ने अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
An Open Challenge to the US Blockade! Iranian Ships Breach the 'Wall' of Hormuz Has Trump's Plan Failed?
डोनाल्ड ट्रंप (डिजाइन फोटो)
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Iran Ships Break Hormuz Blockade: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अमेरिकी नौसेना की ताकत और डोनाल्ड ट्रंप की नाकेबंदी के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लगाई गई सख्त सैन्य नाकेबंदी के बावजूद, कम से कम दो व्यापारिक जहाज Strait of Hormuz को पार करने में सफल रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से आने-जाने वाले हर जहाज को रोकने का कड़ा आदेश दे रखा है।

दो घंटों के भीतर ही टूटी नाकेबंदी

मैरीटाइम ट्रैकिंग फर्म केपलर (Kpler) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, लाइबेरिया के झंडे वाला बल्क कैरियर 'क्रिस्टियाना' (Christianna) सोमवार को इस रणनीतिक जलमार्ग से सुरक्षित गुजर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह जहाज ईरान के बंदर इमाम खुमैनी बंदरगाह पर मकई उतारने के बाद निकला था। चौंकाने वाली बात यह है कि क्रिस्टियाना ने अमेरिकी नाकेबंदी लागू होने के मात्र दो घंटे बाद ही लाराक द्वीप को पार कर लिया था। इसके तुरंत बाद, कोमोरोस के झंडे वाले टैंकर 'एल्पिस' (Elpis) ने भी इस घेराबंदी को धता बता दी। एल्पिस 31 मार्च को ईरान के बुशहर बंदरगाह से 31,000 टन मेथनॉल लेकर रवाना हुआ था और सोमवार शाम तक इसने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रैट को पार कर लिया।

चीनी टैंकर ने भी दिखाया दम

इन दो जहाजों के अलावा, एक चीनी टैंकर 'रिच स्टारी' (Rich Starry) ने भी सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात इस जलमार्ग को पार किया। यह टैंकर लाराक द्वीप के दक्षिण में ईरान द्वारा अनुमोदित रूट का उपयोग कर रहा था। आंकड़ों के अनुसार, यह जहाज 31,500 टन मेथनॉल लेकर ओमान के सोहार बंदरगाह की ओर जा रहा था। इन जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही यह दर्शाती है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड की चेतावनी के बावजूद समुद्री व्यापार पूरी तरह ठप नहीं हुआ है।

ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए इस नाकेबंदी का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को रोकेगी जो ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान की किसी भी 'अटैक बोट' ने इस नाकेबंदी को चुनौती दी तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।

हालांकि, इस नाकेबंदी का खामियाजा ईरान को आर्थिक रूप से भुगतना पड़ रहा है। अनुमानों के मुताबिक, होर्मुज की इस घेराबंदी के कारण ईरान को प्रतिदिन लगभग 435 मिलियन डॉलर (करीब 3600 करोड़ रुपये) का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद, पाकिस्तान और कतर जैसे मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने और दो सप्ताह के युद्धविराम का सम्मान करने की अपील कर रहे हैं।

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