
कराची के शॉपिंग मॉल में भीषण आग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan News In Hindi: कराची के ऐतिहासिक गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में 17 जनवरी की देर रात भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। बताया जा रहा है कि यह मॉल फुटबॉल मैदान से भी बड़े इलाके में फैला हुआ है जिसमें करीब 1,200 दुकानें हैं।
चश्मदीदों और वीडियो फुटेज के अनुसार, इमारत से आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को पूरी रात मशक्कत करनी पड़ी। 19 जनवरी की सुबह तक बचाव दल मलबे को हटाने और इमारत को ठंडा करने के काम में लगा रहा।
पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने पुष्टि की है कि इस अग्निकांड में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि लगभग 60 लोग अभी भी लापता हैं और बचाव अभियान जारी है हालांकि इसे पूरा करने के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं दी जा सकती।
अस्पताल से 18 घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, लेकिन बचाव कार्यों के आगे बढ़ने के साथ मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। बचाव कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मॉल का बचा हुआ ढांचा काफी अस्थिर है और किसी भी समय गिर सकता है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण एक सर्किट ब्रेकर में हुआ शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। पुलिस प्रमुख ओधो के मुताबिक, मॉल की बनावट और वहां मौजूद सामान, जैसे कालीन, कंबल और रेजिन से बनी वस्तुओं ने आग को और तेजी से फैलाने में मदद की। दमकल विभाग का कहना है कि मॉल के अंदर वेंटिलेशन की कमी थी जिसके कारण मॉल के भीतर घना काला धुआं भर गया जिससे अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना और बचाव कार्य करना बेहद कठिन हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और दुकानदारों में गहरा रोष व्याप्त है। जब कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने घटनास्थल का दौरा किया तो उन्हें जनता के कड़े विरोध और सरकार विरोधी नारों का सामना करना पड़ा। स्थानीय मीडिया के अनुसार, लोग अग्निशमन विभाग के देरी से पहुंचने और धीमी कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी जीवन भर की कमाई और 20 साल की कड़ी मेहनत एक रात में राख हो गई।
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गुल प्लाजा में लगी यह आग कराची के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक आग (2012) के बाद की सबसे भीषण घटनाओं में से एक मानी जा रही है। 2012 में एक औद्योगिक स्थल पर लगी आग में 260 से अधिक लोग मारे गए थे जिसे बाद में अदालत ने आगजनी का मामला घोषित किया था।






