कंगाली के कगार पर पाकिस्तान! सऊदी अरब के आगे फैलाया हाथ, 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट और तेल के लिए रखी 8 बड़ी मांगें
Pakistan Economic Crisis: गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही शहबाज सरकार ने सऊदी अरब से बड़ी वित्तीय मदद की गुहार लगाई है। पाकिस्तान ने 5 अरब की जमा राशि को लंबी अवधि के कर्ज में बदलने मांग की हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
सऊदी अरब से शहबाज सरकार ने लगाई मदद की गुहार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Saudi Arabia Financial Aid: पाकिस्तान एक बार फिर अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बढ़ते विदेशी कर्ज के बोझ तले दबी शहबाज शरीफ सरकार ने अपने पुराने मित्र सऊदी अरब के सामने मदद के लिए हाथ फैलाया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने सऊदी अरब को 8 प्रमुख अनुरोधों का एक प्रस्ताव सौंपा है, जिसका उद्देश्य देश की चरमराती अर्थव्यवस्था को तत्काल सहारा देना है।
डिपॉजिट को लंबी अवधि के कर्ज में बदलने की मांग
पाकिस्तान की सबसे बड़ी मांग यह है कि सऊदी अरब द्वारा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में रखी गई 5 अरब डॉलर की जमा राशि को, जो वर्तमान में शॉर्ट-टर्म (अल्पकालिक) है, 10 साल की लॉन्ग-टर्म सुविधा में बदल दिया जाए। सरकार को उम्मीद है कि ऐसा होने से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और देश को महंगे विदेशी कर्जों के जाल से बचने में मदद मिलेगी।
तेल और रेमिटेंस पर बड़ी राहत की उम्मीद
आर्थिक संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान ने तेल आपूर्ति की ‘डिफर्ड पेमेंट’ सुविधा को भी 1.2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, इसके पुनर्भुगतान की अवधि को भी एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने ओवरसीज पाकिस्तानियों द्वारा भेजे जाने वाले रेमिटेंस (प्रेषण) को 10 अरब डॉलर तक सेक्योरिटाइज करने और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की भी मांग की है।
सम्बंधित ख़बरें
Weapon Export: रूस को पछाड़कर ग्लोबल हथियार मार्केट में छाया भारत, पुतिन की बढ़ी टेंशन
US Hotel Shooting: वाशिंगटन में ट्रंप पर जानलेवा हमला, जानिए राष्ट्रपतियों पर हमले का खूनी इतिहास
राष्ट्रपति होना खतरनाक, डिनर पार्टी में हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा बयान, बोले- पहले से…
वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में ट्रंप के कार्यक्रम में हुई गोलीबारी, यहीं हुआ था पूर्व राष्ट्रपति रीगन पर हमला
निवेश और बैंक गारंटी में छूट
शहबाज सरकार ने सऊदी अरब से पाकिस्तान से संबंधित आयात लेनदेन के लिए बैंक गारंटी की शर्तों को आसान बनाने और सऊदी अरब के संप्रभु धन निधि (PIF) के माध्यम से पाकिस्तान में निवेश के नए अवसरों को तलाशने का भी आग्रह किया है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अभी तक रियाद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट तनाव: अबू धाबी का भव्य BAPS हिंदू मंदिर सुरक्षा कारणों से बंद, श्रद्धालुओं के लिए बड़ी एडवाइजरी
IMF के साथ भी चल रही है जद्दोजहद
सऊदी अरब से मदद मांगने के साथ-साथ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भी संपर्क में है। वह अपने 7 अरब डॉलर के विस्तारित निधि सुविधा कार्यक्रम की तीसरी समीक्षा को पूरा करने के लिए बातचीत कर रहा है, ताकि अतिरिक्त वित्तीय स्थिरता प्राप्त की जा सके। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्रीय तनाव के कारण पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियां और अधिक बढ़ गई हैं।
