सऊदी अरब से शहबाज सरकार ने लगाई मदद की गुहार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Saudi Arabia Financial Aid: पाकिस्तान एक बार फिर अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बढ़ते विदेशी कर्ज के बोझ तले दबी शहबाज शरीफ सरकार ने अपने पुराने मित्र सऊदी अरब के सामने मदद के लिए हाथ फैलाया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने सऊदी अरब को 8 प्रमुख अनुरोधों का एक प्रस्ताव सौंपा है, जिसका उद्देश्य देश की चरमराती अर्थव्यवस्था को तत्काल सहारा देना है।
पाकिस्तान की सबसे बड़ी मांग यह है कि सऊदी अरब द्वारा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में रखी गई 5 अरब डॉलर की जमा राशि को, जो वर्तमान में शॉर्ट-टर्म (अल्पकालिक) है, 10 साल की लॉन्ग-टर्म सुविधा में बदल दिया जाए। सरकार को उम्मीद है कि ऐसा होने से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और देश को महंगे विदेशी कर्जों के जाल से बचने में मदद मिलेगी।
आर्थिक संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान ने तेल आपूर्ति की ‘डिफर्ड पेमेंट’ सुविधा को भी 1.2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, इसके पुनर्भुगतान की अवधि को भी एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने ओवरसीज पाकिस्तानियों द्वारा भेजे जाने वाले रेमिटेंस (प्रेषण) को 10 अरब डॉलर तक सेक्योरिटाइज करने और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की भी मांग की है।
शहबाज सरकार ने सऊदी अरब से पाकिस्तान से संबंधित आयात लेनदेन के लिए बैंक गारंटी की शर्तों को आसान बनाने और सऊदी अरब के संप्रभु धन निधि (PIF) के माध्यम से पाकिस्तान में निवेश के नए अवसरों को तलाशने का भी आग्रह किया है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अभी तक रियाद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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सऊदी अरब से मदद मांगने के साथ-साथ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भी संपर्क में है। वह अपने 7 अरब डॉलर के विस्तारित निधि सुविधा कार्यक्रम की तीसरी समीक्षा को पूरा करने के लिए बातचीत कर रहा है, ताकि अतिरिक्त वित्तीय स्थिरता प्राप्त की जा सके। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्रीय तनाव के कारण पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियां और अधिक बढ़ गई हैं।