होर्मुज में जहाजों पर हुए हमले, अब भारत ने उठाया सख्त कदम; अमेरिकी राजनयिक को भेजा समन
India Summons US Diplomat: यह तब हुआ जब ओमान के तट पर 20 भारतीय क्रू मेंबर को ले जा रहे एक और मर्चेंट जहाज पर हमला हुआ। यह सिर्फ चार दिनों में भारतीय नाविकों के साथ हुई तीसरी ऐसी घटना है।
- Written By: मनोज आर्या
हमले की शिकार जहाज की तस्वीर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Summons US Diplomat: भारत ने शुक्रवार को अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को इस हफ्ते दूसरी बार तलब किया। यह तब हुआ जब ओमान के तट पर 20 भारतीय क्रू मेंबर को ले जा रहे एक और मर्चेंट जहाज पर हमला हुआ। यह सिर्फ चार दिनों में भारतीय नाविकों के साथ हुई तीसरी ऐसी घटना है। अमेरिकी राजनयिक को विदेश मंत्रालय (MEA) में एडिशनल सेक्रेटरी (अमेरिका) ने तलब किया, क्योंकि नई दिल्ली ने खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग के लिए बढ़ते खतरे पर अपनी कूटनीतिक प्रतिक्रिया तेज कर दी है।
यह ताजा समन डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) द्वारा मर्चेंट जहाजों पर हुए हमलों की एक सीरीज के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ओमान की खाड़ी और आस-पास के पानी में काम करने वाले लगभग 18,000 भारतीय नाविकों के लिए एक नई समुद्री सुरक्षा एडवाइजरी जारी करने के कुछ घंटों बाद आया है।
हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत
यह एडवाइजरी हाल ही में तीन ऐसी घटनाओं के बाद जारी की गई है, जिनमें भारतीय क्रू मेंबर वाले जहाज शामिल थे। इनमें ओमानी तट पर हुआ एक जानलेवा हमला भी शामिल है, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी। पहली घटना 8 जून को MT मैरिवेक्स से जुड़ी थी, जब टैंकर में आग लग गई थी, जिसे समुद्री सुरक्षा सूत्रों ने संदिग्ध हमला बताया था। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए।
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दूसरा हमला 10 जून को हुआ, जब MT सेटेबेलो पर ओमान की खाड़ी में आग लग गई। टैंकर पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। 21 नाविकों को बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय जो शुरू में लापता बताए गए थे, बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई। तीसरी घटना गुरुवार को हुई, जब भारतीय क्रू मेंबर को ले जा रहे एक और व्यापारी जहाज़ पर ओमान के तट पर हमला हुआ, जिससे इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ और बढ़ गईं।
MT जलवीर की रूप में हुई पहचान
कई रिपोर्टों में जहाज की पहचान MT जलवीर के रूप में की गई, जिसमें 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक घटना की सही वजह नहीं बताई है। अधिकारिक अनुमान के मुताबिक, भारत के झंडे वाले 13 जहाजों पर 622 भारतीय नाविक अभी होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम और पूर्व में पानी में काम कर रहे हैं।
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पूरे खाड़ी क्षेत्र में सैकड़ों विदेशी झंडे वाले मर्चेंट जहाजों पर करीब 18,000 भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं, जिससे भारत उन देशों में से एक बन गया है जो बिगड़ती समुद्री सुरक्षा स्थिति से सबसे ज्यदा प्रभावित हैं। भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी समुद्री वर्कफोर्स है, जिसमें दुनिया भर में लगभग 3.2 लाख भारतीय नाविक जहाजों पर काम कर रहे हैं।
