अमेरिका ने ईरान पर किया हमला…तो पाकिस्तान में आएगी तबाही, डर से सहमे शहबाज-मुनीर, खुलासे से हड़कंप
Pakistan News: ईरान में संभावित अमेरिकी हमला पाकिस्तान के लिए खतरा, बलूचिस्तान में विद्रोह और शरणार्थी संकट बढ़ने की आशंका, CPEC परियोजनाओं और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान पर अमेरिका के संभावित हमले से डरी पाकिस्तान की सरकार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Security Threat: ईरान पर इस समय अमेरिका के संभावित सैन्य हमले और सत्ता परिवर्तन के खतरे मंडरा रहा है। हालांकि ये खतरा केवल ईरान के ही नहीं है बल्कि इसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ सकता है। ईरान में किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत पर पड़ सकता है, जो ईरान की सिस्तान-बलूचिस्तान सीमा से सटा हुआ है।
पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि, ईरान में सत्ता परिवर्तन पाकिस्तान के लिए “तबाही” साबित हो सकता है। देश के पूर्व राजदूत आसिफ दुर्रानी का कहना है कि ईरान में कोई भी बदलाव, चाहे वह आंतरिक हो या बाहरी हस्तक्षेप से, ये सीधे पाकिस्तान को प्रभावित करेगा। विशेष रूप से बलूचिस्तान के विद्रोही नेटवर्क के सक्रिय होने का खतरा है, जो सीमा पार स्थित सुरक्षित ठिकानों का फायदा उठाकर पाकिस्तान में अपने अभियान तेज कर सकते हैं।
पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत
बलूचिस्तान में कई विद्रोही समूह सक्रिय हैं, जो प्रांत में सुरक्षा बलों और चीनी निवेश परियोजनाओं को निशाना बनाते रहे हैं। इस क्षेत्र में चल रहे चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को भी अस्थिरता से गंभीर नुकसान होने का खतरा है। विद्रोही समूह बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा मानने से इनकार करते हैं, और यदि उनका आंदोलन तेज होता है तो प्रांत के अलगाव की संभावना बढ़ सकती है।
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पूर्व विदेश सचिव जोहर सलीम ने कहा कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप से स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने याद दिलाया कि जब ईरान और इजरायल के बीच पिछली बार तनाव हुआ था, तब पाकिस्तान ने ईरान की संप्रभुता का खुलकर समर्थन किया था।
सत्ता परिवर्तन के प्रभाव केवल सीमा तक सीमित नहीं रहेंगे। पाकिस्तान में शरणार्थी संकट बढ़ने की आशंका है। जैसे अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद लाखों शरणार्थी पाकिस्तान में आए थे, वैसे ही ईरान में अस्थिरता नए संकट की जड़ बन सकती है। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक दबाव में है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मदद लेकर अपनी आर्थिक व्यवस्था चला रहा है।
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ईरान में सत्ता परिवर्तन से मध्य-पूर्व में तनाव
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान में जबरन सत्ता परिवर्तन से पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ सकता है, प्रॉक्सी युद्ध फैल सकते हैं और क्षेत्रीय शक्तियों जैसे चीन, रूस और तुर्की की भागीदारी भी देखने को मिल सकती है। पाकिस्तान की ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी कामगारों की आमदनी खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर निर्भर है, और अस्थिरता सीधे देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति पर असर डालेगी।
