बड़े युद्ध की आशंका! TTP विवाद पर आमने-सामने इस्लामाबाद-काबुल, PAK ने कहा- देंगे मुंहतोड़ जवाब
Pakistan Afghanistan Tension: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों में एक बार फिर कड़वाहट बढ़ गई है। उत्तर वजीरिस्तान में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगान तालिबान शासन...
- Written By: अमन उपाध्याय
TTP विवाद पर आमने-सामने इस्लामाबाद-काबुल, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने शुक्रवार को एक वरिष्ठ अफगान राजनयिक को विदेश मंत्रालय तलब कर अफगान तालिबान शासन पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को कथित समर्थन देने का आरोप लगाया। इस दौरान इस्लामाबाद ने अफगान धरती से पाकिस्तान के खिलाफ हो रहे आतंकी हमलों पर गंभीर चिंता जताई।
पाक विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफगान उप मिशन प्रमुख को आधिकारिक रूप से तलब कर पाकिस्तान की कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। मंत्रालय ने साफ कहा कि अफगान तालिबान शासन द्वारा टीटीपी को दी जा रही निरंतर सहायता और सुविधाएं पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि इसी समर्थन के चलते टीटीपी सीमा पार से पाकिस्तानी सेना और नागरिकों को निशाना बनाने में सक्षम हो रहा है।
जमीनी हालात में कोई ठोस बदलाव नहीं
इस्लामाबाद ने यह भी रेखांकित किया कि अफगानिस्तान में टीटीपी को मिल रहा अनुकूल माहौल काबुल की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और पाकिस्तान से किए गए वादों के पूरी तरह खिलाफ है। इन वादों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अफगान धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। पाकिस्तान का कहना है कि इन आश्वासनों के बावजूद जमीनी हालात में कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा।
सम्बंधित ख़बरें
Meloni Trump Controversy: अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दो… इटली की PM मेलोनी का ट्रंप पर तीखा पलटवार
बैक-टू-बैक ब्लास्ट से दहला पाकिस्तान, बन्नू में आतंकियों ने गाड़ियों को बनाया निशाना; 7 लोगों ने गवांई जान
24 घंटे भी नहीं टिका युद्धविराम! दक्षिणी लेबनान पर इजरायल ने की एयर स्ट्राइक, 5 लोगों की मौत
बांग्लादेश में हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन: ढाका में गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे, सड़कों पर उतरे लोग
निर्णायक कार्रवाई की भी मांग
पाकिस्तान ने अफगान तालिबान शासन से मांग की है कि अफगान भूमि से संचालित सभी आतंकी समूहों के खिलाफ तत्काल, ठोस और सत्यापनीय कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही उत्तर वजीरिस्तान समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों में हुए आतंकी हमलों के दोषियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ पूर्ण जांच और निर्णायक कार्रवाई की भी मांग की गई है।
पाकिस्तानी सेना के कैंप को बनाया निशाना
इस्लामाबाद ने काबुल को यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। पाक विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि अफगान धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद का जवाब देने के लिए पाकिस्तान हर जरूरी उपाय करेगा।
यह भी पढ़ें:- ‘मनमानी हिरासत और उत्पीड़न’ का आरोप, पाकिस्तान में पत्रकार मामले पर मानवाधिकार परिषद ने जताई चिंता
गौरतलब है कि यह कूटनीतिक कदम उत्तर वजीरिस्तान में हाल ही में हुए एक घातक आतंकी हमले के बाद उठाया गया है। इस हमले में टीटीपी के गुल बहादुर गुट से जुड़े उग्रवादियों ने पाकिस्तानी सेना के एक कैंप को निशाना बनाया जिसमें चार सैनिकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक हलकों में अफगानिस्तान को लेकर चिंता और नाराजगी और गहरा गई है।
