अब्बास अराघची पहुंचे बीजिंग, ट्रंप-जिनपिंग के मुलाकात से पहले चीन-ईरान की हुई मीटिंग, आखिर क्या चल रहा?
Araghchi China Visit: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की है। चीन ने इसे युद्ध से शांति की ओर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण मोड़ करार दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अब्बास अराघची और वांग यी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Araghchi China Visit Middle East War Update: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव और 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को बीजिंग में चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से ठीक पहले हुई है। जिसे एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
दोबारा युद्ध स्वीकार्य नहीं
चीन का मानना है कि यह मामला ऐसे मोड़ पर है जहां से युद्ध खत्म होकर शांति शुरू हो सकती है। चीन ने साफ कहा है कि लड़ाई अब पूरी तरह रुकनी चाहिए। किसी भी हाल में दोबारा शुरू करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार, इस समय सबसे जरूरी काम आपसी बातचीत और कूटनीति को जारी रखना है ताकि शांति बनी रहे।
ईरान की कूटनीति और रक्षा की दोहरी रणनीति
बैठक के बाद ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान अपनी रक्षा करने और किसी भी आक्रामकता का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन वह कूटनीति के क्षेत्र में भी गंभीर और अडिग है। अराघची ने कहा कि तेहरान केवल एक ‘निष्पक्ष और व्यापक समझौते’ को ही स्वीकार करेगा जो उसके वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करे। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें ईरान और अमेरिका के बीच एक बड़े शांति समझौते की संभावना जताई जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
48 घंटे में खत्म होगी अमेरिका-ईरान जंग! दोनों देशों के बीच इन 3 बड़े मुद्दों पर बन गई सहमति
Operation Sindoor: पाकिस्तानी नेता ने कबूला सच, सेना ने मसूद अजहर और हाफिज सईद के गुर्गों को दिया सैन्य सम्मान
बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद तीस्ता जल संधि चर्चा में, क्या है भारत-बांग्लादेश का वर्षों पुराना विवाद?
अरब सागर में फंसे Indian Vessel की पाकिस्तानी नौसेना ने की मदद, लेकिन जनरेटर नहीं हुआ ठीक
होर्मुज और परमाणु हथियारों पर चीन का रुख
चीन ने इस दौरान दो प्रमुख वैश्विक चिंताओं पर अपना रुख स्पष्ट किया है। बीजिंग ने संबंधित पक्षों से होर्मुज के माध्यम से ‘सामान्य और सुरक्षित मार्ग’ को तुरंत बहाल करने का आग्रह किया है। परमाणु मुद्दे पर चीन ने परमाणु हथियार विकसित न करने की ईरान की प्रतिबद्धता की सराहना की इसके साथ ही ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के अधिकार को मान्यता भी दी।
यह भी पढ़ें:- 48 घंटे में खत्म होगी अमेरिका-ईरान जंग! दोनों देशों के बीच इन 3 बड़े मुद्दों पर बन गई सहमति
ट्रंप-जिनपिंग की आगामी मुलाकात
रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन लगातार चीन पर दबाव बना रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने दावा किया है कि चीन ईरान की ऊर्जा का 90 प्रतिशत हिस्सा खरीदकर प्रभावी रूप से आतंकवाद के सबसे बड़े राज्य प्रायोजक को वित्त पोषित कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि वे जल्द ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे। हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीक को लेकर प्रतिद्वंद्विता बनी हुई है लेकिन ट्रंप ने इसे अच्छा संकेत बताया है।
