48 घंटे में खत्म होगी अमेरिका-ईरान जंग! दोनों देशों के बीच इन 3 बड़े मुद्दों पर बन गई सहमति
Iran US Peace Deal: ईरान और अमेरिका के बीच अगले 48 घंटों में जंग समाप्ति की घोषणा हो सकती है। दोनों देश परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और होर्मुज जैसे तीन प्रमुख मुद्दों पर सहमत हो गए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
मोजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran US Peace Deal Agreement: ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग को खत्म करने को लेकर सहमति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटों के भीतर दोनों देश आधिकारिक तौर पर इस जंग को समाप्त करने का ऐलान कर सकते हैं। व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच जिनेवा और इस्लामाबाद में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद एक पन्ने का समझौता पत्र जारी करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
इन 3 प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति
दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे गतिरोध के बाद आखिरकार तीन मुख्य बिंदुओं पर आम सहमति बन पाई है:
परमाणु हथियार और यूरेनियम संवर्धन: समझौते के तहत ईरान यह घोषणा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इसके साथ ही, ईरान अपने पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को पतला करने या पूरी तरह खत्म करने पर सहमत हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग है कि ईरान के पास मौजूद 440 किलो संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका शिफ्ट किया जाए।
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आर्थिक प्रतिबंधों की समाप्ति: इस समझौते के बदले अमेरिका ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को हटाएगा। इसके अंतर्गत ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई राशि को भी लौटाया जाएगा। गौरतलब है कि 2015 के समझौते के दौरान लगभग 150 अरब डॉलर की राशि अनफ्रीज करने की बात हुई थी। जो अब ईरान को राहत कार्यों के लिए मिल सकती है।
होर्मुज का खुलना: वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज नाकाबंदी को पूरी तरह से खोलने पर सहमति बन गई है। ईरान इस रास्ते से जहाजों को बिना किसी बाधा के गुजरने देगा और अमेरिका भी इस क्षेत्र में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगा।
अभी भी 11 मुद्दों पर फंसा है पेंच
भले ही तीन बड़े मुद्दों पर सहमति बन गई है लेकिन अभी भी 11 ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पेच फंसा हुआ है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर इस 14 सूत्रीय समझौते को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से लगातार संपर्क में हैं। अगले 30 दिनों के भीतर इन शेष मुद्दों को सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बीच, अमेरिका ने अपने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को खत्म करने की घोषणा कर दी है जो शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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ईरान ने रिपोर्ट को बताया प्रोपगंडा
एक तरफ जहां समझौते की खबरें तेज हैं वहीं ईरान के वार्ता दल के सदस्य मोहम्मद मरांडी ने इसे व्हाइट हाउस का प्रोपगंडा करार दिया है। उनका आरोप है कि अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल लाने के उद्देश्य से इस तरह की रिपोर्ट प्रकाशित करवाई गई हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विशेषज्ञों का मानना है कि जिनेवा या इस्लामाबाद में होने वाली आगामी बैठक में जेडी वेंस और ईरान की ओर से एमबी गालिबफ की मौजूदगी इस समझौते पर मुहर लगा सकती है।
