‘हम पीछे नहीं हटेंगे…’, ली और शी के बैठक से पहले किम की बड़ी चाल, अमेरिका-दक्षिण कोरिया अलर्ट पर
Kim Jong Un Missile Test News: उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के चीन रवाना होने से ठीक पहले हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण को किम जोंग उन ने सैन्य ताकत का प्रदर्शन बताया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
किम जोंग उन के बयान के बाद अमेरिका-दक्षिण कोरिया अलर्ट पर (डिजाइन फोटो)
North Korea Nuclear Program News In Hindi: उत्तर कोरिया ने सोमवार को दावा किया कि उसके सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने हाइपरसोनिक मिसाइलों के परीक्षण-उड़ानों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान किम ने देश की परमाणु युद्ध निवारक क्षमता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब प्योंगयांग अपने सबसे अहम राजनीतिक सम्मेलन से पहले हथियारों के प्रदर्शन और परीक्षणों की गति तेज कर रहा है।
उत्तर कोरियाई सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, रविवार को किए गए इस अभ्यास का उद्देश्य हाइपरसोनिक हथियार प्रणाली की तत्परता की जांच करने के साथ मिसाइल बलों की परिचालन क्षमता बढ़ाना और देश की समग्र युद्ध निवारक शक्ति का मूल्यांकन करना था। केसीएनए ने बताया कि किम जोंग उन ने इस परीक्षण को राष्ट्रीय रक्षा के लिए ‘एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि’ करार दिया।
हाइपरसोनिक हथियारों के जरिए ताकत का प्रदर्शन
किम जोंग उन ने कहा कि इस तरह के प्रक्षेपण अभ्यास यह साबित करते हैं कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार उन्नत कर रहा है। उन्होंने खासतौर पर आक्रामक हथियार प्रणालियों के निरंतर विकास की जरूरत पर बल दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि उत्तर कोरिया वास्तव में एक प्रभावी हाइपरसोनिक हथियार प्रणाली विकसित कर लेता है तो इससे अमेरिका और दक्षिण कोरिया की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदना उसके लिए कहीं आसान हो सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के सीजफायर पर बनी सहमति, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा
फिलीपींस में कुदरत का कहर: आंधी से ढही 9 मंजिला इमारत, मलबे में दबे दर्जनों मजदूरों को बचाने की जंग जारी!
Kyiv Air Strike: रूस की कीव में एयर स्ट्राइक, रिहायशी इलाकों पर हमले में 1 की मौत, कनाडा ने की निंदा
पाकिस्तान के क्वेटा में बड़ा बम धमाका, आत्मघाती हमलावर ने उड़ाया रेलवे ट्रैक, 23 लोगों की मौत, कई घायल- VIDEO
तकनीकी क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय संदेह
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में किए गए कई परीक्षणों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर संदेह बना हुआ है कि उत्तर कोरिया की हाइपरसोनिक मिसाइलें वास्तव में घोषित गति और पैंतरेबाजी क्षमता हासिल कर पाई हैं या नहीं। इसके बावजूद, प्योंगयांग लगातार अपने हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का दावा करता रहा है।
चीन यात्रा से पहले बढ़ा तनाव
यह ताजा परीक्षण उस समय हुआ, जब दक्षिण कोरिया और जापान ने उत्तर कोरिया द्वारा कई बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण का पता लगाने की बात कही और इसे उकसावे की कार्रवाई बताया। यह घटनाक्रम दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के चीन रवाना होने से ठीक पहले सामने आया जहां उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिखर वार्ता होनी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा होगी।
यह भी पढ़ें:- रूसी तेल बना हथियार! क्या भारत ने ट्रंप से मांगी टैरिफ में छूट? सीनेटर लिंडसे ग्राहम का बड़ा दावा
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया पांच वर्षों में होने वाले सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के पहले सम्मेलन से पहले अपनी सैन्य और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन करना चाहता है। साथ ही, किम जोंग उन इस मंच का इस्तेमाल अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर नई रणनीति तय करने और लंबे समय से ठप पड़ी परमाणु वार्ताओं को दोबारा शुरू करने के संकेत देने के लिए भी कर सकते हैं।
