नेपाल में हिंसा के बाद 7 सूत्रीय समझौता, मृतकों को शहीद का दर्जा और 10 लाख मुआवजा; मदरसों की होगी जांच
Nepal Sunsari Violence: नेपाल के सुनसरी में हिंसा के बाद सरकार और पीड़ित परिवारों के बीच सुलह हो गई है। 7 सूत्रीय समझौते के तहत मृतकों को शहीद घोषित करने और सरकारी नौकरी देने पर सहमति बनी।
- Written By: अमन उपाध्याय
नेपाल के सुनसरी में हिंसा के बाद हुआ समझौता, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Nepal Sunsari Violence 7 Point Agreement: नेपाल के सुनसरी जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी सांप्रदायिक तनाव और हिंसा के बाद अब शांति की उम्मीद जगी है। गुरुवार देर रात नेपाल सरकार और पुलिस फायरिंग में मारे गए दो युवकों के परिजनों के बीच एक महत्वपूर्ण 7 सूत्रीय समझौता संपन्न हुआ। इस समझौते के बाद प्रशासन और शोकाकुल परिवारों के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है। सरकार ने पीड़ितों की अधिकांश मांगें मान ली हैं, जिसके बाद आज दोपहर दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
7 सूत्रीय समझौते की बड़ी बातें
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुङ और मृतक ओमप्रकाश मेहता व जयप्रकाश मेहता के परिजनों के बीच हुई इस वार्ता में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। समझौते के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शहीद का दर्जा: नेपाल सरकार दोनों मृत युवकों को शहीद का दर्जा देगी।
- मुआवजे का ऐलान: नेपाल सरकार की तरफ से दोनों मृत युवकों के परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- सरकारी नौकरी: पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए सरकार ने दोनों परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी रोजगार देने का वादा किया है।
- मदरसों की जांच: सुनसरी के देवानगंज स्थित मदरसे की कानूनी स्थिति की तत्काल जांच की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वहां छिपे दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
- स्मारक का निर्माण: स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मृतकों की याद में एक स्मृति पार्क बनाया जाएगा।
- कड़ी कानूनी कार्रवाई: घटना की निष्पक्ष जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- समझौता के बाद अंतिम संस्कार: सरकार और परिजनों के साथ समझौता होने के बाद आज दोपहर 2 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।
क्या था पूरा विवाद?
सुनसरी जिले में हिंसा की शुरुआत एक धार्मिक जुलूस के दौरान हुई कहासुनी से हुई थी, जिसने देखते ही देखते सांप्रदायिक दंगों का रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान कप्तानगंज में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें ओमप्रकाश और जयप्रकाश की मौत हो गई थी। इस हिंसा में दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और कई इमारतों व दुकानों में तोड़फोड़ की गई।
सम्बंधित ख़बरें
क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी? SCO समिट 2027 को लेकर इस्लामाबाद से आया बड़ा संकेत; जानें पूरा मामला
क्या उत्तर कोरिया की मिसाइलों से हुआ यूक्रेन पर हमला? जेलेंस्की के दावे से मचा हड़कंप
क्या खत्म हो रही है जापान की युवा पीढ़ी? 42 साल में पहली बार 12 करोड़ से नीचे पहुंची आबादी
स्पेन में बेकाबू हुए हालात, समंदर के रास्ते घुसे हजारों लोग; 18 मौतों के बाद स्यूटा में सेना की एंट्री
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुनसरी सहित 4 जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा रखा है। संवेदनशील इलाकों में सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की भावुक अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि हिंसा भड़काने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह भी पढ़ें:- नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा! 3 की जान जाने के बाद PM बालेन शाह ने की शांति की अपील
फिलहाल पूरे क्षेत्र में ड्रोन और हवाई निगरानी की जा रही है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। समझौते के बाद आज दोपहर 2 बजे मृतकों का अंतिम संस्कार किए जाने का कार्यक्रम तय है, जिसे देखते हुए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
