
बांग्लादेश अमेरिका में 'सीक्रेट डील', फोटो ( सो. एआई डिजाइन)
Bangladesh USA Trade Agreement News In Hindi: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामला मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और अमेरिका के बीच होने वाली एक ‘सीक्रेट ट्रेड डील’ से जुड़ा है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, यह समझौता 9 फरवरी को होने वाला है, यानी वोटिंग से ठीक 3 दिन पहले। इस समझौते की गोपनीयता ने बांग्लादेश के निर्यातकों और अर्थशास्त्रियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है कि क्या यूनुस सरकार देश को आर्थिक रूप से अमेरिका के अधीन करने की तैयारी कर रही है।
इस प्रस्तावित समझौते को लेकर सबसे बड़ा विवाद इसकी गोपनीयता को लेकर है। 2025 में यूनुस प्रशासन ने अमेरिका के साथ एक ‘नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट’ पर दस्तखत किए थे जिसके कारण समझौते की शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। अर्थशास्त्री अनु मुहम्मद ने इस जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए इसे ‘अधीनता’ वाला समझौता करार दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम चुनाव से ठीक पहले बंदरगाहों को लीज पर देने, हथियार खरीदने और अपारदर्शी व्यापारिक समझौते करने के पीछे विदेशी ‘लॉबिस्ट’ बैठे हैं। इसके अलावा, गैर-निर्वाचित सरकार के पास इतने बड़े दूरगामी समझौते करने के जनादेश पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले गारमेंट और टेक्सटाइल उद्योग में इस डील को लेकर भारी डर है। बांग्लादेश के कुल निर्यात का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल का है जो करीब 40 से 50 लाख लोगों को रोजगार देता है। निर्यातकों का मानना है कि बिना किसी परामर्श के साइन की जा रही यह डील बांग्लादेशी निर्यात को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण बांग्लादेश पर पहले ही 20 से 37 फीसदी तक का भारी टैरिफ लगा है और यह सीक्रेट समझौता इस दबाव को और बढ़ा सकता है।
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शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने इस पूरी प्रक्रिया को ‘फर्जी’ करार देते हुए आरोप लगाया है कि यूनुस सरकार विदेशी हितों के प्रति वफादार है। 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में जनता न केवल नई सरकार चुनेगी बल्कि ‘जुलाई चार्टर’ पर भी अपनी राय देगी। यह चार्टर संविधान में संशोधन करेगा जिसे लेकर माना जा रहा है कि यह अंतरिम शासन की कथित गड़बड़ियों को कानूनी कवच प्रदान करेगा।






