नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग (फोटो- सोशल मीडिया)
Chinese Media on PM Modi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पीएम के दौरे से चीनी मीडिया काफी खुश है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसके बाद भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय से आई खटास कम होगी। यह उम्मीद तब जताई गई जब पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात रविवार को SCO शिखर सम्मेलन से पहले हुई।
इस बैठक को दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने और हाल ही में हुए सुधारों को आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका लगातार व्यापार पर दबाव और टैरिफ (शुल्क) की धमकियां दे रहा है। मोदी और जिनपिंग की इससे पहले आखिरी मुलाकात 2024 में रूस के कजान शहर में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई थी।
चीन के एक रिपोर्टर और न्यूजलेटर के संस्थापक शेन शिवेई ने कहा कि भारत-चीन सीमा विवाद पहले तनाव का कारण था, लेकिन अब हालात थोड़े सुधरे हैं और उम्मीद है कि आगे भी सुधार होता रहेगा। उन्होंने इस बार के शिखर सम्मेलन को अब तक का सबसे बड़ा बताया और कहा कि पिछले 20 सालों में SCO काफी आगे बढ़ चुका है।
शिवेई ने बताया कि इस बार दो बड़ी चीजें होंगी। एक, नेताओं के बीच रणनीतिक बातचीत और दूसरी, तियानजिन घोषणा को मंजूरी दी जाएगी। यह घोषणा आने वाले दशकों में SCO और इसके सदस्य देशों के विकास की दिशा तय करेगी।
वहीं, ब्राजील के एक पत्रकार, नेल्सन पैनसिनी डी सा ने कहा कि मोदी, जिनपिंग और पुतिन का एक साथ आना, अमेरिका की टैरिफ धमकियों के बीच वैश्विक राजनीति में बड़ा संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत, चीन और रूस एशिया की बड़ी ताकतें हैं और इनका साथ आना इस क्षेत्र के भविष्य के लिए बहुत अहम है। पुतिन भारत और चीन के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश जारी रखेंगे।
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नेल्सन ने यह भी कहा कि यह सम्मेलन भारत-चीन सीमा पर शांति और स्थिरता लाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि SCO ने अब तक यह दिखाया है कि वह बातचीत के जरिए मध्य और दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने में मददगार रहा है। लेकिन आगे क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी।