
लंदन के किंग्सबरी स्कूल में खौफनाक वारदात (सोर्स-सोशल मीडिया)
London Kingsbury School Stabbing Investigation: लंदन के उत्तर-पश्चिम इलाके में स्थित किंग्सबरी हाई स्कूल के भीतर मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। इस घटना में एक 13 साल के किशोर ने अपने ही स्कूल के दो अन्य मासूम छात्रों को अपना निशाना बनाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की लंदन जांच शुरू कर दी गई है। इस हमले के बाद पूरे ब्रिटेन में डर और सनसनी का माहौल व्याप्त हो गया है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
मंगलवार की दोपहर करीब 12:40 बजे स्कूल के भीतर उस वक्त हड़कंप मच गया जब चाकूबाजी की सूचना मिली। पुलिस को पहले केवल एक 13 वर्षीय बच्चे के चाकू लगने की खबर मिली थी लेकिन मौके पर एक और बच्चा मिला। जांच में पता चला कि 12 साल का एक अन्य छात्र भी इस जानलेवा हमले का बुरी तरह शिकार हुआ था।
हमले के तुरंत बाद दोनों घायल बच्चों को एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों बच्चों की हालत काफी नाजुक बनी हुई है और वे आईसीयू में जीवन की जंग लड़ रहे हैं। पुलिस ने मौके से हमले में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार बरामद कर लिया है जो एक बड़ी सफलता है।
डेली मेल की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार हमलावर छात्र ने वार करने से पहले अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाया था। इस धार्मिक नारे के इस्तेमाल ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं और जांच तेज कर दी गई है। हालांकि अभी तक इस पूरी घटना को आधिकारिक तौर पर आतंकी हमला घोषित नहीं किया गया है।
डिटेक्टिव चीफ सुपरिंटेंडेंट ल्यूक विलियम्स ने मीडिया को बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। पुलिस ने एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया और कुछ ही घंटों के भीतर 13 साल के संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस किसी और अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं कर रही है और मामला पूरी तरह नियंत्रण में है।
हमले की गंभीरता और नारे की बात सामने आने के बाद जांच की कमान काउंटर-टेररिज्म यूनिट को सौंप दी गई है। यह यूनिट अब स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर हमले के पीछे के असली मकसद और साजिश की गहराई से जांच करेगी। डिटेक्टिव विलियम्स ने कहा कि पुलिस अभी इस मामले में सभी संभावनाओं पर खुला विचार रख रही है।
किंग्सबरी हाई स्कूल के हेडटीचर एलेक्स थॉमस ने अभिभावकों को पत्र लिखकर इस घटना को गहरा सदमा देने वाला बताया है। स्कूल में करीब 2,000 छात्र पढ़ते हैं जिनकी सुरक्षा को लेकर अब कई कड़े कदम उठाए जाने की बात कही गई है। बुधवार को एहतियात के तौर पर स्कूल के कुछ हिस्सों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री ब्रिजेट फिलिपसन ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उनका दिल पूरी तरह टूट गया है। शिक्षा विभाग अब स्कूल और स्थानीय काउंसिल के साथ लगातार संपर्क में है ताकि छात्रों को मानसिक मदद दी जा सके। सरकार ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
इस हमले के बाद स्कूल में मौजूद अन्य छात्रों से भी पुलिस ने काफी लंबी और विस्तृत पूछताछ की है। शाम तक कई बच्चे पुलिस अधिकारियों के साथ बात कर रहे थे ताकि घटनाक्रम का सही और स्पष्ट पता चल सके। पूरे ब्रिटेन में अब स्कूलों के भीतर हथियारों की रोकथाम और सुरक्षा को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।
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यह खौफनाक वारदात दिखाती है कि किशोरों के बीच बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति समाज के लिए कितनी बड़ी और खतरनाक चुनौती है। 13 साल के बच्चे द्वारा हत्या के प्रयास जैसे अपराध को अंजाम देना प्रशासन के लिए एक चिंता का विषय है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी छात्र के पास हथियार कहां से आया।
फिलहाल जांच अधिकारी आरोपी के परिवार और दोस्तों से भी पूछताछ कर रहे हैं ताकि उसका बैकग्राउंड पता चल सके। स्कूल प्रशासन ने छात्रों की काउंसलिंग के लिए विशेष विशेषज्ञों की एक टीम बुलाने का निर्णय भी लिया है। इस मुश्किल समय में पूरा देश पीड़ित बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है जो अस्पताल में भर्ती हैं।






