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‘देश छोड़ दो वरना..’, अमेरिका में छात्रों को मिले धमकी भरे ईमेल, ट्रंप की क्या है योजना
- Written By: अमन उपाध्याय
Deportation from US: F-1 वीजा धारक छात्रों द्वारा अमेरिका में कैंपस एक्टिविज्म के तहत आतंकी संगठनों के समर्थन में बयान देने या सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी पोस्ट को लाइक व शेयर करने पर ट्रंप प्रशासन ने कार्रवाई की है।

अमेरिका में छात्रों को मिले धमकी भरे ईमेल, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
वांशिगटन: अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों विदेशी छात्रों को अमेरिकी विदेश विभाग से ई-मेल मिले हैं, जिनमें उन्हें खुद ही देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। ये ई-मेल उन छात्रों को भेजे गए हैं जिनका F-1 स्टूडेंट वीजा कैंपस एक्टिविज्म के कारण रद्द कर दिया गया है।
ई-मेल में चेतावनी दी गई है कि यदि छात्र बिना वैध इमिग्रेशन स्टेटस के अमेरिका में रहते हैं, तो उन्हें जुर्माना, हिरासत या निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई केवल उन छात्रों तक सीमित नहीं है जिन्होंने प्रत्यक्ष रूप से कैंपस एक्टिविज्म में भाग लिया, बल्कि उन लोगों को भी प्रभावित कर रही है, जिन्होंने किसी भी प्रकार की ‘राष्ट्र-विरोधी’ पोस्ट को लाइक या शेयर किया।
अमेरिका में नहीं दिया जाएगा प्रवेश
अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो ने गुरुवार को गुयाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि फिलहाल ऐसे छात्रों की संख्या 300 से थोड़ी अधिक हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी उन्हें इस तरह के “उन्मादी” लोग मिलते हैं, तो उनका वीजा रद्द कर दिया जाता है। उनका कहना था कि हर देश को यह तय करने का अधिकार है कि कौन उसकी सीमा में प्रवेश कर सकता है और कौन नहीं।
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रुबियो के कार्यालय ने हाल ही में “कैच एंड रिवोक” नामक एक AI-संचालित ऐप लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य हमास या अन्य नामित आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाले छात्रों की पहचान करना और उनके वीजा रद्द करना है। विदेश विभाग नए छात्र वीज़ा आवेदनों की भी गहराई से जांच कर रहा है।
यदि किसी भी वीज़ा श्रेणी जैसे कि F (शैक्षिक अध्ययन वीजा), M (व्यावसायिक अध्ययन वीजा), या J (विनिमय वीजा) के आवेदक के राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने के प्रमाण मिलते हैं, तो उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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छात्रों का वीजा किया गया रद्द
अमेरिकी प्रशासन द्वारा भेजे गए एक ईमेल में छात्रों को एक ऐप के माध्यम से खुद को निर्वासित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस ऐप को ट्रंप प्रशासन ने 10 मार्च को लॉन्च किया था। ईमेल में बताया गया है कि वीजा जारी होने के बाद नई जानकारी प्राप्त होने के कारण छात्रों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, मेल में वीजा समाप्ति की तारीख का उल्लेख भी किया गया है।
छात्रों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे निर्धारित तिथि के बाद अमेरिका में रहते हैं, तो उन्हें जुर्माने, हिरासत या जबरन निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि इससे उनका भविष्य में अमेरिकी वीजा प्राप्त करने की योग्यता प्रभावित हो सकती है।
नए वीजा के लिए करना होगा आवेदन
ईमेल में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्वासित व्यक्तियों को उनके मूल देश या किसी अन्य देश में भेजा जा सकता है। यदि छात्र भविष्य में अमेरिका लौटना चाहते हैं, तो उन्हें नए वीजा के लिए आवेदन करना होगा, जिसके बाद उनकी पात्रता की पुनः समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, मेल में देश छोड़ने की पूरी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई है।
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