बीमारी के बावजूद चुनावी मैदान में खालिदा जिया, बोगरा-7 सीट से दाखिल किया नामांकन

Bangladesh Election News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया ने अस्पताल में इलाज के दौरान 13वें संसदीय चुनाव के लिए बोगरा-7 सीट से नामांकन दाखिल कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
Bangladesh Election News: Former Bangladeshi Prime Minister Begum Khaleda Zia has intensified political activity by filing her nomination papers for the Bogra-7 constituency in the 13th parliamentary elections while undergoing treatment in a hospital.
खालिदा जिया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया ने एक बार फिर सक्रिय राजनीति में मजबूती से वापसी का संकेत दिया है। अस्पताल में इलाजरत होने के बावजूद वह 13वें नेशनल पार्लियामेंट इलेक्शन में हिस्सा लेंगी। बीएनपी ने उनकी ओर से बोगरा-7 संसदीय सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को खालिदा जिया की तरफ से बोगरा-7 सीट के लिए आधिकारिक तौर पर नॉमिनेशन पेपर जमा किया गया। यह प्रक्रिया पार्टी के वरिष्ठ नेता और खालिदा जिया के सलाहकार हेलालुज्जमां तालुकदार लालू ने पूरी की। उन्होंने दोपहर करीब 3 बजे डिप्टी कमिश्नर और रिटर्निंग ऑफिसर तौफीकुर रहमान के कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किया।

बीएनपी के कई वरिष्ठ पार्टी नेता रहे मौजूद

इस दौरान बोगरा-7 सीट से खालिदा जिया के प्रतिनिधि के तौर पर शाहजहांपुर उपजिला बीएनपी अध्यक्ष इनामुल हक शाहीन और गबटोली उपजिला बीएनपी महासचिव इनामुल हक नतून समेत कई वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद रहे। नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि पार्टी इस सीट को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

जियाउर रहमान का राजनीतिक गढ़

हेलालुज्जमां तालुकदार लालू ने कहा कि बोगरा-7 सीट बीएनपी के लिए केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं बल्कि ऐतिहासिक महत्व रखती है। यह वही सीट है जिसे पार्टी के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। खालिदा जिया ने पहली बार 1991 के संसदीय चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने 1996 और 2001 में भी इसी क्षेत्र से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया।

बैकअप उम्मीदवार भी तैयार

इस बीच प्रथोम आलो मीडिया आउटलेट ने बताया कि ढाका साउथ सिटी के बीएनपी संयोजक और खालिदा जिया के चुनाव समन्वयक मुंशी रफीकुल आलम उर्फ मजनू ने भी इसी निर्वाचन क्षेत्र से बीएनपी उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया है। इससे यह संकेत मिला है कि पार्टी ने वैकल्पिक रणनीति भी तैयार कर रखी है।

बीएनपी उपाध्यक्ष अब्दुल अवल मिंटू ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि खालिदा जिया की खराब सेहत को देखते हुए पार्टी ने दूसरे उम्मीदवार का भी प्रबंध किया है। उन्होंने कहा कि नेता बीमार हैं इसलिए बैकअप उम्मीदवार चुना गया है। यदि आखिरी समय में खालिदा जिया चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं होती हैं तो दूसरा उम्मीदवार मैदान में उतरेगा। हालांकि, चाहे वह खुद चुनाव लड़ें या नहीं, अभियान उन्हीं के नाम पर जारी रहेगा।

इससे पहले 21 दिसंबर को भी बीएनपी नेताओं ने फेनी-1 निर्वाचन क्षेत्र से खालिदा जिया के लिए नामांकन फॉर्म लिया था, जिससे साफ है कि पार्टी उन्हें चुनावी राजनीति के केंद्र में बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। खालिदा जिया का यह कदम बांग्लादेश की चुनावी राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।

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