

Mumbai International Money Laundering: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का खुलासा किया है। आरोप है कि गिरोह ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को मोहरा बनाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध लेनदेन गतिविधियां संचालित कीं।
जांच के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी मदनलाल जैन समेत कई बैंक अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने साधारण लोगों को मामूली मासिक लालच देकर उनके पहचान दस्तावेज हासिल किए और उनका गलत इस्तेमाल किया।
जांच में सामने आया कि मंगलाल दवे और नरेश दवे जैसे लोगों के नाम पर कई फर्जी कंपनियां और बैंक खाते खोले गए। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया, जबकि असली खाताधारकों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
आरोपियों ने ‘गीत एक्सिम प्रा. लि.’, ‘विभा इम्पेक्स’ और ‘पहल इम्पेक्स’ जैसी कई शेल कंपनियां बनाईं। कागजों में इनका पता सूरत में दर्शाया गया, लेकिन पुलिस जांच में वहां कोई वास्तविक कार्यालय या कारोबार नहीं मिला।
गिरोह ने हीरा व्यापार और सड़क निर्माण परियोजनाओं के नाम पर फर्जी बिल बनाकर पैसों का हेरफेर किया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।