तेल अवीव में 'जश्न-ए-आजादी'! हमास की कैद से 2 साल बाद छूटे इजरायली बंधक, स्वागत में ट्रम्प भी पहुंचे

Israel Hostage Release: हमास ने इजराइल के बंधकों को रिहा कर दिया है, रिहाई के बाद से इजराइल में इसका जश्न जोरों से मनाया जा रहा है। इजराइली लोग राजधानी तेल अवीव में जुट कर खुशियां मनाने लग गए है।
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हमास ने 7 इजराइली बंधक छोड़े, 13 और रिहा होंगे (तेल अवीव में जश्न के दृश्य फोटो सोशल मीडिया)
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Israel Hamas hostage release: दो साल के लंबे और दर्दनाक इंतजार के बाद आखिरकार वो पल आ ही गया, जब हमास की कैद से इजरायली नागरिक अपने वतन लौटे। हमास द्वारा 7 बंधकों के पहले जत्थे को रिहा करते ही पूरे इजराइल में, खासकर तेल अवीव की सड़कों पर जश्न का माहौल छा गया। लोग इजरायली झंडे लेकर नाचते-गाते और अपने लोगों का स्वागत करते नजर आए। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और सीजफायर डील का श्रेय लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इजराइल पहुंच चुके हैं, जिससे इस घटना का महत्व और भी बढ़ गया है।

सोमवार को हमास ने इन 7 बंधकों को रेड क्रॉस को सौंपा, जिसके बाद उन्हें इजरायली सेना के हवाले कर दिया गया। इन सभी को जल्द ही उनके परिवारों से मिलाया जाएगा और फिर मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया जाएगा। इस समझौते के तहत हमास आज ही 13 और बंधकों को रिहा करने वाला है। वहीं, इस डील के बदले में इजराइल भी सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को अपनी जेलों से रिहा करेगा। तेल अवीव में बड़ी-बड़ी स्क्रीन्स पर लोगों ने अपने नागरिकों की वापसी का लाइव प्रसारण देखा और भावुक हो गए।

ट्रंप का 'शांति मिशन' और नेतन्याहू की सियासत

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिनका स्वागत करने खुद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एयरपोर्ट पहुंचे। ट्रंप ने दावा किया है कि उनके दखल के बाद ही यह सीजफायर संभव हो पाया है। वह इजराइल में रिहाई कार्यक्रम में शामिल होने के साथ-साथ इजरायली संसद 'नेसेट' को भी संबोधित करेंगे। यह सीजफायर नेतन्याहू के लिए भी राजनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि बंधकों के परिवार उन पर डील न करने का आरोप लगाकर लगातार दबाव बना रहे थे। अब नेतन्याहू चाहेंगे कि यह युद्धविराम इजराइल की शर्तों पर ही कायम रहे।

रिहाई के बाद अब आगे क्या?

रिहा हुए बंधकों में जिव बर्मन, मातन अंगरेस्ट, एलन हेल, ओमरी मिरान और एटान मोर जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, अभी उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। दो साल पहले 8 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले में हमास ने 1200 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी और कई लोगों को बंधक बना लिया था। अब भी करीब 20 लोग हमास की कैद में बताए जा रहे हैं। इस रिहाई के बाद सवाल उठ रहा है कि हमास का भविष्य क्या होगा और भुखमरी से जूझ रहे गाजा में मानवीय मदद कैसे पहुंचेगी।

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