बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान के शामिल होने से इजरायली दल नाराज (सोर्स- सोशल मीडिया)
Israel Upset to Pakistan Join Board of Peace: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में विरोध के बावजूद गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने यह कदम दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने हस्ताक्षर करके औपचारिक रूप दिया। हालांकि, बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान के आने से इजरायल नाराज हो सकता है।
दरअसल, इजरायल पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह गाजा से जुड़े किसी भी फोर्स में पाकिस्तान की भागीदारी को स्वीकार नहीं करेगा। पाकिस्तान को ट्रंप की ओर से बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। शहबाज शरीफ ने दावोस में आयोजित कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड की शुरुआत की है। इससे पहले भारत में इजरायल के राजदूत रेवेन अजर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि किसी भी गाजा फोर्स में पाकिस्तान की भागीदारी से इजरायल असहज होगा। ….
उन्होंने कहा, “अभी ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश की जा रही है जिसमें हम आगे बढ़ सकें, लेकिन इसके लिए हमें हमास को खत्म करना होगा। मौजूदा हालात में फोर्स का विचार बेकार हो जाता है।”
दावोस में इजरायली मंत्री निर बरकात ने भी कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले किसी भी देश का गाजा में स्वागत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “आतंकवाद का समर्थन करने वाले किसी देश को गाजा की धरती पर सैनिक नहीं उतारने देंगे। हमें कोई परेशानी नहीं कि वे ट्रंप के नेतृत्व में बड़े संगठन का हिस्सा हैं, लेकिन भरोसा तभी होगा जब उनका आतंकवाद से कोई नाता न हो।”
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की। पार्टी ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय महत्व के फैसले हमेशा पारदर्शिता और सभी प्रमुख राजनीतिक हितधारकों से समावेशी परामर्श के बाद ही लेने चाहिए। इसके अलावा, मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन (MWM) के प्रमुख और सीनेट में नेता प्रतिपक्ष अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने इस कदम को ‘नैतिक रूप से गलत और अस्वीकार्य’ करार दिया।
Ans: पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर दावोस में हस्ताक्षर कर बोर्ड में शामिल होकर गाजा में शांति प्रयासों में योगदान देने का फैसला किया।
Ans: इजरायल ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले किसी देश को गाजा में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान की भागीदारी पर वे असहज हैं।
Ans: पीटीआई और MWM जैसे नेता इसे बिना पारदर्शिता और व्यापक परामर्श के लिया गया नैतिक रूप से गलत निर्णय मान रहे हैं।