अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा हुसैनी खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Energy Crisis Middle East War: मध्य पूर्व में छिड़ा युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां पूरी दुनिया की सांसें थमी हुई हैं और हर कोई शांति की दुआ कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि ईरान किसी बहुत बड़े हमले की तैयारी में था जिसे रोकना अब बेहद जरूरी हो गया है। इस तनाव के बीच अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी से एक तेल टैंकर को सुरक्षित निकालकर दुनिया को राहत दी है जिससे ईंधन के दाम भी कम हुए हैं। लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही इशारा कर रही है क्योंकि चीन से आ रहे संदिग्ध जहाज ईरान की मिसाइल ताकत बढ़ाने में जुटे हुए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि अगर समय रहते ईरान के परमाणु ठिकानों और मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना नहीं बनाया जाता तो वह बहुत बड़ा हमला कर देता। ईरान की संसद के स्पीकर ने भी साफ कर दिया है कि उनका देश फिलहाल किसी भी तरह के सीजफायर यानी युद्ध विराम के पक्ष में बिल्कुल नहीं है। तेहरान पर हो रहे लगातार हमले इस बात का सबूत हैं कि अमेरिका को अब भी आशंका है कि ईरान के पास बहुत बड़ी तबाही मचाने की क्षमता है।
एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार चीन के बंदरगाह से ईरान के दो बड़े जहाज ‘शब्दीस’ और ‘बर्जिन’ रवाना हुए हैं जिनमें संदिग्ध कंटेनर लदे होने का दावा है। इन जहाजों में ‘सोडियम परक्लोरेट’ नाम का केमिकल होने की आशंका है जिसका इस्तेमाल मिसाइलों के लिए सॉलिड फ्यूल बनाने में प्रमुखता से किया जाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये जहाज ईरान पहुंच पाएंगे या अमेरिकी नेवी इन्हें भी पिछले हफ्ते डूबे ईरानी शिप की तरह समुद्र में डुबो देगी।
जंग के इस माहौल में सबसे बड़ी राहत की खबर यह आई है कि अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी से एक महत्वपूर्ण तेल टैंकर को सुरक्षित पार करा दिया है। इस घटना के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है जिससे आम जनता को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि एयर इंडिया जैसी कंपनियों ने पहले ही फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है जिससे हवाई यात्रा महंगी हो गई है पर तेल की नई कीमतें भविष्य संवार सकती हैं।
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अमेरिका और इजराइल की जोड़ी अब ईरान को चारों तरफ से घेरने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि उसकी सैन्य और आर्थिक सप्लाई लाइन काटी जा सके। होर्मुज की खाड़ी में अगर तेल की सप्लाई रुकती है तो यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी आर्थिक त्रासदी साबित हो सकती है जिसे अमेरिका रोकना चाहता है। फिलहाल सबकी नजरें उन जहाजों पर टिकी हैं जो चीन से निकले हैं क्योंकि वे इस युद्ध की दिशा और दशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।