अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी से पार कराया तेल टैंकर (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Navy Oil Tanker Escort: मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। ऐसे संकट के समय में अमेरिका ने एक बहुत बड़ा कदम उठाकर वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत दी है। होर्मुज की खाड़ी जैसे संवेदनशील रास्ते से तेल टैंकर को सुरक्षित निकालना किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। इस एक साहसी फैसले ने दुनिया भर में बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अचानक लगाम लगा दी है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी नेवी के पांचवें बेड़े ने खाड़ी में मोर्चा संभाल लिया है। ईरान के नियंत्रण वाले इस रास्ते से तेल टैंकरों को सुरक्षित बाहर निकालना अब अमेरिका की बड़ी प्राथमिकता बन गई है। जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के इस एस्कॉर्ट अभियान ने वैश्विक सप्लाई चेन में फिर से नई जान फूंकी है।
जैसे ही यह खबर आई कि टैंकर सुरक्षित पार हो गया है, कच्चे तेल की कीमतों में 15% की कमी देखी गई। इससे पहले ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं, जिससे चिंता बढ़ गई थी। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के अनुसार यह कदम केवल तेल बचाने के लिए नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए था।
युद्ध के माहौल में जहाजों का बीमा प्रीमियम इतना बढ़ गया था कि शिपिंग कंपनियां वहां जाने से डर रही थीं। इसे देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने जहाजों की आवाजाही शुरू कराने के लिए 20 अरब डॉलर की री-इंश्योरेंस योजना घोषित की है। उन्होंने जहाज मालिकों से हिम्मत दिखाने की अपील की है ताकि ऊर्जा संकट के इस दौर को मजबूती से पार किया जा सके।
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अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी में पांचवें बेड़े को तैनात कर ईरान को अपनी ताकत का स्पष्ट अहसास करा दिया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि तेल सप्लाई को बाधित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षित समुद्री रास्ते से टैंकर का निकलना इस बात का सबूत है कि दुनिया की ऊर्जा जरूरतों पर आंच नहीं आएगी।