इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आत्मघाती हमले से भारी तबाही, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

Mosque Suicide Attack: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमला हुआ। इस धमाके में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जानें धमाके से जुड़ी पूरी इनसाइड स्टोरी।
Suicide Bomber Attacks Islamabad Shia Mosque: Over 50 Dead and 170 Injured During Friday Prayers
इस्लामाबाद मस्जिद में आत्मघाती हमले से भारी तबाही (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Suicide Attack In Islamabad Mosque: आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की मस्जिद में आत्मघाती हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जुमे की नमाज के दौरान खदीजा तुल कुबरा इमामबाड़ा में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को गेट पर ही उड़ा लिया। इस भीषण धमाके में अब तक 50 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 170 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और राहत कार्य के साथ-साथ मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

आत्मघाती हमले का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना जुमे की नमाज के वक्त हुई जब मस्जिद में नमाजियों की भारी भीड़ जमा थी। सुरक्षा गार्डों ने हमलावर को मुख्य द्वार पर ही रोक लिया था जिसके बाद उसने घबराकर खुद को धमाके से उड़ा लिया। अगर हमलावर मस्जिद के अंदर प्रवेश करने में सफल हो जाता तो हताहतों की संख्या और भी भयानक हो सकती थी।

तबाही के खौफनाक मंजर

धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज कई मीटर दूर तक सुनी गई और मस्जिद के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। घटनास्थल की तस्वीरों में चारों तरफ खून से सना फर्श, मलबा और लोगों की चीख-पुकार साफ देखी और सुनी जा सकती थी। स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जहां कई लोगों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

मृतकों में पुलिस अधिकारी के रिश्तेदार

इस्लामाबाद पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने बताया कि मृतकों में इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के एक रिश्तेदार भी शामिल हैं। धमाके की प्रकृति और इसमें इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। राजधानी में आमतौर पर कड़ी सुरक्षा रहती है लेकिन इस हमले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने इसे एक आतंकी हमला बताया और कहा कि देश का हौसला इससे कम नहीं होगा। पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने कहा कि इबादतगाह में मासूमों को निशाना बनाना मानवता और राष्ट्रीय चेतना पर बड़ा प्रहार है। उन्होंने इस घटना को पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बताया और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

शिया समुदाय पर बढ़ते हमले

पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में शिया समुदाय को लगातार सांप्रदायिक हिंसा और लक्षित हमलों का शिकार बनाया जा रहा है। हालांकि अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है फिर भी जांच एजेंसियां गहन जांच कर रही हैं। अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा के लिए अब सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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