इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट: 70 मौतों का जिम्मेदार निकला पाकिस्तानी, शहबाज सरकार की खुली पोल
Islamabad Mosque Blast: इस्लामाबाद की मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में 70 लोगों की जान गई। जांच में खुलासा हुआ है कि हमलावर पाकिस्तानी नागरिक था जिससे शहबाज सरकार के भारत पर लगाए आरोप झूठे साबित हुए।
- Written By: अमन उपाध्याय
इस्लामाबाद मस्जिद विस्फोट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Mosque Blast News In Hindi: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक शिया मस्जिद पर हुए भीषण आत्मघाती हमले ने पूरी दुनिया को दहला दिया है। इस मामले में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा बोले गए ‘झूठ के पुलिंदे’ को पूरी तरह से खोल कर रख दिया है। पाकिस्तानी जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि हमले को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद पाकिस्तान का ही नागरिक था।
शहबाज शरीफ का चेहरा बेनकाब
इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजा अल-कुबरा मस्जिद-कम-इमामबाड़गाह में जुमे की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस दर्दनाक घटना में कम से कम 70 लोग मारे गए और 169 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हाल के वर्षों में शिया समुदाय पर हुए सबसे भीषण हमलों में से एक माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि इस हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिना किसी सबूत के इसका दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश की थी। हालांकि, अब उनकी अपनी ही पुलिस और जांच एजेंसियों ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सरकार के दावों की हवा निकाल दी है।
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कौन था हमलावर और कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस ने खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर में एक सफल ऑपरेशन के दौरान दो पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में आत्मघाती हमलावर के दो भाई और एक महिला शामिल हैं। जांच के दौरान बरामद पहचान पत्रों से हमलावर की पहचान यासिर के रूप में हुई है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, यासिर पेशावर के अब्बास कॉलोनी, शिरो जंगी का रहने वाला था। इस खुलासे के बाद भारत के विदेश मंत्रालय का वह रुख भी सही साबित हुआ है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के आरोपों को आधारहीन बताकर खारिज कर दिया था।
5 महीने अफगानिस्तान में ली थी आतंकी ट्रेनिंग
जांचकर्ताओं ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है कि हमलावर यासिर विस्फोट से पहले लगभग पांच महीने तक अफगानिस्तान में रहा था। वहां उसने हथियारों को चलाने और आत्मघाती हमलों की औपचारिक ट्रेनिंग ली थी। हालांकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसके लिए अफगानिस्तान के लिंक का दावा किया था लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। वर्तमान में जांच एजेंसियां इस हमले के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की पहचान करने और उसे नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
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आईएसआईएस ने ली जिम्मेदारी
इस भीषण हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खुरासान प्रांत (IS-K) ने ली है। यह संगठन पहले भी पाकिस्तान में शिया समुदाय को निशाना बनाता रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला साल 2008 के मैरियट होटल बम विस्फोट के बाद इस्लामाबाद में हुआ सबसे घातक हमला है। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
