खैबर पख्तूनख्वा में आतंक से सहमी पाक सरकार; सीएम अफरीदी का बड़ा फैसला, प्रभावित इलाके बनेंगे 'मॉडल जिले'

Pakistan News: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती आतंकी घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने हाई-लेवल मीटिंग की है। सरकार अब प्रभावित इलाकों को 'मॉडल जिलों' में बदलकर आतंकवाद को खत्म करेगी।
Pakistani government shaken by terrorism in Khyber Pakhtunkhwa; CM Afridi takes major decision, affected areas to be developed into 'model districts'.
खैबर पख्तूनख्वा आतंकी घटनाओं पर मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने की मीटिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Khyber Pakhtunkhwa Terror Attack News In Hindi: पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत इन दिनों आतंकवाद की भीषण लहर से जूझ रहा है। हाल के दिनों में आतंकी घटनाओं में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा दी है। इस गंभीर स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को प्रांतीय शीर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

सिर्फ बल नहीं, विकास भी

मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह तय किया गया कि आतंकवाद को केवल सैन्य शक्ति के बल पर खत्म नहीं किया जा सकता। सरकार ने एक दीर्घकालिक रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद के मूल कारणों को पहचानना और जनता का भरोसा जीतना बेहद जरूरी है। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि रणनीति के पहले चरण में आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों को 'सुशासन के मॉडल जिलों' में तब्दील किया जाएगा।

मॉडल जिलों के लिए विशेष पैकेज

इन 'मॉडल जिलों' के लिए सरकार ने एक विशेष राहत और विकास पैकेज का खाका तैयार किया है। इसके तहत इन क्षेत्रों में न केवल सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा, बल्कि संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और बुनियादी ढांचे का भी विस्तार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विकास कार्यों को बढ़ावा देकर ही राष्ट्रीय सुरक्षा को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सकता है और जनता के बीच एकता की आधारशिला रखी जा सकती है।

विस्थापितों का पुनर्वास और सामूहिक प्रयास

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय सैन्य अभियानों के दौरान अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों को लेकर लिया गया। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अस्थायी रूप से विस्थापित हुए लोगों की पूर्ण देखभाल की जाएगी और उनका उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस लड़ाई को एक 'सामूहिक युद्ध' करार देते हुए कहा कि इसे केवल सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय बुजुर्गों के आपसी सहयोग और निरंतर परामर्श से ही जीता जा सकता है।

सुरक्षा संस्थानों को खुली छूट

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ जंग में पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे पाकिस्तानी सशस्त्र बलों, पुलिस और आतंकवाद विरोधी विभाग के साथ मिलकर हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग करेंगे। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में चलाए गए 'ऑपरेशन रद्द-उल-फित्ना-1' के नतीजे साझा किए हैं जिसमें 216 आतंकवादी और 22 सैनिक मारे गए थे।

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