जान बचाकर भाग रहे लोगों पर बरसी मौत, पैरामिलिट्री ग्रुप के ड्रोन हमले ने सूडान में छीनी 24 जिंदगियां

Sudan Drone Attack News: सूडान के पैरामिलिट्री ग्रुप (RSF) ने विस्थापितों के वाहन पर भीषण ड्रोन हमला किया है। इस दुखद घटना में 8 मासूम बच्चों सहित कुल 24 लोगों की मौत हो गई है।
Death rained down on people fleeing for their lives; a drone attack by a paramilitary group claimed 24 lives in Sudan.
सूडान ड्रोन हमला, सांकेतिक फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Sudan Civil War News In Hindi: सूडान में जारी भीषण गृहयुद्ध के बीच मानवता को शर्मसार करने वाली एक और घटना सामने आई है। पैरामिलिट्री ग्रुप रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) ने मध्य सूडान में एक बड़ा ड्रोन हमला किया है जिसमें 8 बच्चों सहित कम से कम 24 निर्दोष लोगों की जान चली गई। यह हमला उस समय किया गया जब विस्थापित परिवार अपनी जान बचाने के लिए एक वाहन में सवार होकर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे थे।

विस्थापितों को बनाया गया शिकार

सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हमला उत्तर कोर्डोफान प्रांत के रहाद शहर के पास हुआ। डॉक्टर्स ग्रुप ने पुष्टि की है कि जिस वाहन को निशाना बनाया गया वह उत्तर कोर्डोफान के दुबेइकर इलाके से उन लोगों को लेकर जा रहा था जो भीषण लड़ाई के कारण अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए थे। मारे गए लोगों में न केवल महिलाएं और पुरुष शामिल थे बल्कि आठ छोटे बच्चे भी थे जिनमें दो नवजात शिशु भी शामिल थे। युद्ध की निगरानी करने वाले समूहों ने इस हमले को बेहद क्रूर और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस नरसंहार के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। नेटवर्क ने अपील की है कि इन उल्लंघनों के लिए RSF के नेतृत्व को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, इस हमले और मौतों के आरोपों पर RSF की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

2023 से युद्ध की आग में जल रहा है सूडान

सूडान में संघर्ष की शुरुआत अप्रैल 2023 में हुई थी जब राजधानी खार्तूम में सूडानी सेना और RSF के बीच सत्ता संघर्ष ने एक सशस्त्र युद्ध का रूप ले लिया। तब से लेकर अब तक यह देश अराजकता की स्थिति में है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस विनाशकारी युद्ध में अब तक 40,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, हालांकि सहायता संगठनों का दावा है कि मौतों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट

इस युद्ध ने न केवल जानें ली हैं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन संकट भी पैदा कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, 1.4 करोड़ से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। देश के कई हिस्सों में अकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है और बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। भोजन और दवाओं की भारी कमी के कारण लाखों लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।

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