
पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Protests Latest News In Hindi: ईरान में इस्लामिक क्रांति गणराज्य के खिलाफ जनता सड़कों पर है और सरकार की सख्ती के कारण हालात बेकाबू हो चुके हैं। इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक ने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है।
ईरान में चल रहे भीषण बवाल के बीच विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने हाल ही में जानकारी दी है कि भारत ईरान की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है। भारत के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्ते रहे हैं। इसके अलावा, ईरान में वर्तमान में 13,000 से ज्यादा भारतीय छात्र मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने पहले ही ईरान यात्रा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज के बीच ईरान के मुद्दे पर चर्चा हुई है। हालांकि इस बैठक का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने ईरान में बढ़ती हिंसा और इसके वैश्विक असर पर चिंता जताई है।
चांसलर मर्ज ने ईरान सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वहां के नागरिकों के अधिकारों को कुचला जा रहा है और सरकार अपने ही लोगों पर हिंसा कर रही है। दोस्ती के एक अन्य पहलू में, दोनों नेताओं ने साथ मिलकर पतंग भी उड़ाई, जो उनके बीच प्रगाढ़ होते रिश्तों को दर्शाता है।
ईरान में यह प्रदर्शन अचानक शुरू नहीं हुए। इसकी शुरुआत 27 दिसंबर को ईरान के इलम प्रांत से हुई थी जब लोग आसमान छूती महंगाई के विरोध में पहली बार सड़कों पर उतरे। लोगों का आरोप है कि सरकार आर्थिक राहत देने में पूरी तरह विफल रही है। देखते ही देखते यह विरोध-प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया और अब यह सरकार विरोधी आंदोलन में बदल चुका है।
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ह्यूमन राइट्स संगठन HRANA के मुताबिक, इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 544 लोगों की हत्या की जा चुकी है। दूसरी ओर, ईरान की सरकार इन प्रदर्शनों को घरेलू असंतोष मानने के बजाय एक विदेशी साजिश करार दे रही है। ईरान का दावा है कि अमेरिका और इजरायल की शह पर ‘दंगाई’ देश में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, पूरे ईरान में हालात गंभीर बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर अपनी नजरें टिकाए हुए है।






