इजरायल के मुस्लिम शहरों पर कहर बरपा रहीं ईरानी मिसाइलें, यहूदी बस्तियों में जश्न...मुसलमानों के लिए नहीं हैं शेल्टर होम

इजरायल लंबे वक्त से दावा करता रहा है कि उसके पास आश्रय स्थलों की कमी नहीं है। अब रिपोर्ट्स आ रही हैं कि मुस्लिम बहुल इलाकों में आश्रय स्थल बनाए ही नहीं गए हैं।
इजरायल के मुस्लिम शहरों पर कहर बरपा रहीं ईरानी मिसाइलें, यहूदी बस्तियों में जश्न...मुसलमानों के लिए नहीं हैं शेल्टर होम
इजरायल के मुस्लिम शहरों पर कहर बरपा रहीं ईरानी मिसाइलें, मुसलमानों के लिए नहीं हैं शेल्टर होम (Image- Social Media)
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तेहरान/तेल अवीव: उत्तरी इजरायल में हाइफा के पास तमार शहर के लोगों ने कभी नहीं सोचा होगा कि धनी आबादी वाला यह शहर इतना भयावह कहर का सामना करेगा। इस शहर के अधिकतर लोग फिलीस्तीनी मूल के इजरायली नागरिक हैं। एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल शनिवार रात लगभग 11:50 बजे स्थानीय नागरिक खातीब के परिवार पर गिरा, जिसमें उसकी मां मनार खातीब, उनकी बेटियां शथा (13) और हाला (20) के साथ साथ एक और रिश्तेदार मनार डायब की जान चली गई। इस हमले से खातीब का घर तो खत्म हुआ ही, साथ ही साथ कई मीटर के दायरे में खड़ी कारें और दूसरे घर भी तबाह हो गए।

मुस्लिम बहुल इलाकों में आश्रय स्थल नहीं

इजरायल के राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम ने परिवार के चारो लोगों की मौत की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, हमास के खिलाफ पिछले 20 महीनों से चल रहे युद्ध के दौरान उत्तरी इजरायल की सीमावर्ती इलाकों में कभी कभी रॉकेट दागे गए, लेकिन उन्हें डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया। लेकिन ईरानी मिसाइलें अधिक शक्तिशाली हैं। हमले के अगली सुबह स्थानीय लोगों में गुस्से का माहौल था, क्योंकि शेल्टर होम्स यानि आश्रय स्थल की कमी थी। सबसे खतरनाक तो यह था कि मुस्लिम बहुल इलाकों में आश्रय स्थल बनाए ही नहीं गए हैं।

इजरायल में भयावह स्थिति

इजरायल लंबे समय से दावा करता रहा है कि उसके पास आश्रय स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन अब जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष भयावह रूप ले चुका है, तो आश्रय स्थलों की कमी को लेकर भी रिपोर्ट्स आने लगी हैं। आपातकालीन बचाव के काम में लगे स्वयंसेवक मोहम्मद दीब ने सीएनएन से कहा कि "जब हमने हमले की आवाज सुनी तो गांव के सब लोग मदद के लिए वहां पहुंचे। ये बहुत मुश्किल तथा अराजकता का माहौल था। हमने सड़क पर शवों के अंग बिखरे हुए देखे तथा बहुत दुखद दृश्य दिखे, जिन्हें हम देखना नहीं चाहते थे।" ‘पावर में हो तो घमंड मत करो’, राजनाथ सिंह का पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश; कहा- सेवा और ईमानदारी से करें राजनीति

मुस्लिम इलाकों में लोगों की जान की परवाह नहीं!

तमरा पर हमला पूरे इजराइल के ऊपर एक चैलेंज बनकर खड़ा हुआ, लेकिन तमरा ने इजरायल सरकार की सोच की पोल खोल दी है। सोशल मीडिया पर सामने आने वाले वीडियो ने इजरायल की मानसिकता को दिखाया है। CNN ने एक ऐसे ही वीडियो के आधार पर कहा कि तमरा शहर पर हमला होने के बाद पड़ोसी मित्ज़पे अवीव शहर में यहूदी लोगों ने जश्न मनाया। सीएनएन ने वीडियो की पुष्टि भी की है। वीडियो में जश्न मनाने वाले यहूदी समुदाय के लोग 'तेरी बस्ती जल रही है' का नारा लगाकर जश्न मना रहे थे।

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