ईरान के इस हथियार के सामने इजराइली डिफेंस सिस्टम नाकाम, खामेनेई ने भरी हुंकार, अब क्या करेगी नेतन्याहू सरकार

ईरान ने इजराइल पर फतेह हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला कर दिया है। IRGC ने इसे ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस III का हिस्सा बताया, जिससे इजराइली एयर डिफेंस कमजोर पड़ा और ईरान की सैन्य शक्ति का स्पष्ट संदेश दिया गया।
ईरान के इस हथियार के सामने इजराइली डिफेंस सिस्टम नाकाम, जंग का ऐलान
सांकेतिक तस्वीर (फोटो- सोशल मीडिया)
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तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने इजराइल के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह यहूदी शासन पर किसी भी प्रकार की दया नहीं दिखाएंगे। इसी बीच, ईरान ने इजराइल पर अपने सबसे खतरनाक हथियार फतेह मिसाइल से हमला करना शुरू कर दिया है।

इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि इजराइल के खिलाफ ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस III में फतेह हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। IRGC ने कहा कि फतेह मिसाइलों ने इजराइल एयर डिफेंस को नाकाम करके हमला किया है। इसे इजराइल के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम बताया है।

ईरान की ताकत का स्पष्ट संदेश

IRGC ने बताया कि फतेह मिसाइल की तैनाती ने इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम के पतन की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक शक्तिशाली और तेज गति वाली फतेह मिसाइलों ने इजराइली ठिकानों को जोरदार तरीके से निशाना बनाया, जिससे इजराइल का साथ देने वालों को ईरान की सैन्य शक्ति का स्पष्ट और मजबूत संदेश मिला। इससे लेकर नेतन्याहू सरकार पर दबाव बनना शुरू हो गया है। ये देखना दिलचस्प होगा कि वे आगे क्या करते हैं। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने बुधवार को इजराइल के विरुद्ध युद्ध का ऐलान किया। खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, हम आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देंगे। उन्होंने कहा, हम उनके प्रति कोई नरमी नहीं दिखाएंगे। इस ऐलान के बाद ईरान ने इजराइल पर 25 मिसाइलें दागीं। इसके बाद से माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच अब युद्धविराम में समय लग सकता है।

कितनी खतरनाक है फतेह मिसाइल?

फतेह एक हाइपरसोनिक मिडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 1400 किलोमीटर तक है। इसे जून 2023 में ईरान की सेना में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया था। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व एयरोस्पेस कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आमिर अली हाजीजादेह ने इसे शामिल करते हुए इसे एक बड़ी छलांग बताया था।

ईरान से पहले केवल तीन देशों रूस, चीन और भारत ने ऑपरेशनल हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक में सफलता पाई थी। हालांकि इन देशों की मिसाइलें लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म, रेंज, पेलोड और हाइपरसोनिक तकनीक के लिहाज से एक-दूसरे से भिन्न हैं। इससे पहले ईरान ने अक्टूबर 2024 को इजराइल पर हमले में फतेह मिसाइल का प्रयोग भी किया था। यह मिसाइल लगभग 12 मीटर लंबी है और 200 किलोग्राम तक का विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। इसका कुल वज़न 350 से 450 किलोग्राम के बीच होता है।

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