E3 की चेतावनी के बाद झुका ईरान, परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के लिए राजी

Iran Nuclear Deal: ईरान की सरकारी मीडिया ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघाई के हवाले से बताया कि ईरान और ब्रिटेन, फ्रांस तथा जर्मनी के बीच उप विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी।
E3 की चेतावनी के बाद झुका ईरान, परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के लिए राजी
ईरान परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के लिए राजी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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तेहरान: ईरान एक बार फिर परमाणु समझौते को लेकर फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के साथ बातचीत के लिए तैयार हो गया है। यह वार्ता 25 जुलाई को इस्तांबुल में आयोजित की जाएगी। इन तीन यूरोपीय शक्तियों को सामूहिक रूप से 'ई3' कहा जाता है। इन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि ईरान ने वार्ता की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो उस पर दोबारा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाघेई ने बताया कि ईरान, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के बीच उप विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक बैठक आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि जून में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद पहली बार ‘ई3’ देशों (ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी) के विदेश मंत्रियों और यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से गुरुवार को बातचीत की।

ईरान की तीनों परमाणु सुविधाओं को कर दिया नष्ट

ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह इजरायल द्वारा किए गए उन हमलों में शामिल था, जिनमें देश के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी, परमाणु वैज्ञानिक और आम नागरिक मारे गए। अमेरिका ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान की तीन परमाणु सुविधाओं को नष्ट कर दिया है। इसके बाद 24 जुलाई को ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू हुआ।

फिर से करेंगे भयंकर हमला

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की कोशिश की, तो अमेरिका बिना किसी हिचकिचाहट के उस पर दोबारा हमला करेगा।

इन प्रमुख मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच नहीं बनी सहमति

तेहरान और वाशिंगटन के बीच इजरायल-ईरान संघर्ष से पूर्व, ओमान की मध्यस्थता से पांच दौर की परमाणु वार्ताएं आयोजित हुई थीं। हालांकि, यूरेनियम संवर्धन जैसे प्रमुख मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। सन् 2015 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते में ईरान के अलावा चीन, रूस और तीन प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र भी शामिल हुए थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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