हथकड़ी लगाई फिर नीचे गिराया...FBI ने ओबामा को दबोचा! ट्रंप के AI VIDEO से हड़कंप

Donald Trump News: डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला वीडियो शेयर किया है, जिसमें एआई तकनीक की मदद से पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को गिरफ्तार होते हुए दिखाया गया है।
हथकड़ी लगाई फिर नीचे गिराया...FBI ने ओबामा को दबोचा! ट्रंप के AI VIDEO से हड़कंप
FBI ने ओबामा को दबोचा! ट्रंप के AI VIDEO से हड़कंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने विवादित फैसलों और तीखे बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उनकी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस हुई थी। अब ट्रंप ने एक बार फिर बवाल खड़ा कर दिया है। इस बार उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधा है। ट्रंप ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया वीडियो शेयर किया है, जिसमें ओबामा को हथकड़ी पहनाकर ज़मीन पर गिरते हुए दिखाया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर एक वीडियो शेयर किया है, जो एआई तकनीक से बनाया गया है। इस वीडियो में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को ओवल ऑफिस में एफबीआई एजेंटों द्वारा गिरफ्तार करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में एजेंट ओबामा को हथकड़ी लगाकर ज़मीन पर गिरा रहे हैं और उनका कॉलर पकड़े हुए नज़र आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो के साथ यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह एक एआई-जनित फर्जी वीडियो है।

देखें VIDEO-

कई अमेरिकी नेताओं की क्लिप

ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए वीडियो की शुरुआत में ओबामा कहते हैं, "राष्ट्रपति विशेष अधिकार रखता है और वह कानून से ऊपर है।" इसके बाद वीडियो में एक-एक कर कई अमेरिकी नेताओं की क्लिप दिखाई जाती हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल हैं। ये सभी यह दोहराते नजर आते हैं कि "कानून के ऊपर कोई नहीं होता।"

डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल

इस वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। यह एक एआई आधारित तकनीक है, जिसकी मदद से ऐसा वीडियो तैयार किया जाता है जो बिल्कुल असली जैसा नजर आता है। इससे पहले भी कई मशहूर हस्तियों के नकली डीपफेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा चुके हैं।

ओबामा प्रशासन झूठा नैरेटिव गढ़ने का आरोप

डोनाल्ड ट्रंप ने यह वीडियो ऐसे वक्त में शेयर किया है जब कुछ दिन पहले अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने एक गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की जीत को लेकर ओबामा प्रशासन के खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए, क्योंकि उन पर यह झूठा नैरेटिव गढ़ने का आरोप है कि ट्रंप को रूस का समर्थन मिला था।

गबार्ड ने दावा किया कि एक 114 पन्नों की ईमेल श्रृंखला से यह स्पष्ट होता है कि पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने जानबूझकर खुफिया रिपोर्टों में हेरफेर की, ताकि ऐसा लगे कि रूस ट्रंप को राष्ट्रपति बनते देखना चाहता था। उन्होंने कहा कि अब अमेरिकी जनता को आखिरकार यह सच्चाई जानने को मिलेगी कि कैसे ओबामा प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने खुफिया एजेंसियों की ताकत को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।

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