Chandrapur: बिना स्थायी समिति कैसे पेश होगा बजट? कांग्रेस गटनेता राजेश अडूर ने महापौर संगीता खांडेकर को घेरा

Chandrapur Municipal Corporation Elections: चंद्रपुर मनपा में स्थायी समिति के गठन में देरी पर कांग्रेस का महापौर के खिलाफ मोर्चा। आयुक्त से मिलकर की मांग, बजट पर संकट।
Congress protests against the Chandrapur Municipal Corporation's mayor over the delay in forming a standing committee.
चंद्रपुर मनपा स्थायी समिति (सौजन्य-नवभारत)
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Rajesh Adoor Congress Group Leader: चंद्रपुर स्थानीय मनपा में महापौर चुनाव खत्म होकर 10 दिन बीत जाने पर भी मनपा में स्टैंडिंग कमिटी के चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं किए जाने से कांग्रेसी पार्षदों ने नवनिर्वाचित महापौर संगीता खांडेकर के खिलाफ लामबंद होते हुए रोष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि, मनपा के चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित हुए थे।

जिसमें कांग्रेस के सर्वाधिक पार्षद विजयी रहे। लेकिन मेयर पद के लिए बहुमत न होने की वजह से यहां कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना पाई थी। कांग्रेस यहां विपक्षी दल के रूप में है।

मनपा में कांग्रेस गटनेता राजेश अडूर ने कहा है कि, मेयर पद पर आसीन होने के बाद पीठासीन अधिकारी द्वारा दिए गए एजेंडे के अनुसार यहां मेयर को स्टैंडिंग कमेटी के चयन हेतु सभी राजनीतिक पार्टियों के गट नेताओं तथा दलों से सदस्यों के नाम आमंत्रित करने की आवश्यकता थी, किंतु मेयर ने ऐसा कुछ भी नहीं किया और सभागार से मेयर बाहर निकल गई। जिससे उस समय हॉल में मौजूद कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के पार्षदों ने मेयर और पीठासन अधिकारी पर अपना कड़ा गुस्सा जाहिर किया।

बजट कैसे तैयार करेंगे

अडूर ने बताया कि, मेयर पद के चुनाव को दस दिन बीत गए है बावजूद इसके मनपा में अब तक स्टैंडिंग कमेटी का गठन नहीं हो सका है। कमेटी के लिए सदस्यों के नाम तक नहीं मांगे गए है। उन्होंने सवाल उपस्थित करते हुए कहा कि,मनपा में स्टैंडिंग कमेटी ही नही गठित हुई है तो मार्च से पहले शहर के विकास के लिए फाइनेंशियल बजट कैसे तैयार हो सकता है। इस संदर्भ में असंतुष्ट कांग्रेसी पार्षदों ने आयुक्त अकूनूरी नरेश से मुलाकात कर उनसे मांग करते हुए कहा कि, वे मनपा में स्टैंडिंग कमेटी के गठन हेतु महापौर को यथोचित निर्देश दें। मनपा में तुरंत अगर स्टैंडिंग कमेटी का गठन नहीं किया गया तो कांग्रेसी पार्षद मनपा भवन के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे।

यूबीटी पार्षद नहीं गए मातोश्री

यूबीटी पार्षद अपने नेताओं के साथ मातोश्री जाकर आलाकमान से मिलनेवाले थे। इसका मुहूर्त सोमवार को तय हुआ था। परंतु कुछ कारणों से यह बैठक टलने की खबर है। शिवसेना यूबीटी ने अपमान सहन न होने को लेकर भाजपा का हाथ थाम लिया था। जिससे यहां भाजपा ने सत्ता बनाई थी।

इन गतिविधियों के बारे में विस्तृत चर्चा व अगली रणनीति के लिए संभवत: शिवसेना यूबीटी पार्षदों के साथ जिलाध्यक्ष अपने नेता उध्दव ठाकरे से मिलने जानेवाले थे। इस बैठक का संबंध विषय समिति बनाने से भी जुडा होने की चर्चा है। सत्ता में शामिल होने के बाद शिवसेना यूबीटी को कितनी कमेटियों में कौनसे पद दिए जाते है? इस ओर सभी का ध्यान लगा है।

मजबूर है भाजपा की सरकार

चंद्रपुर मनपा में भाजपा ने मजबूती से सत्ता बनाने में सफलता नहीं पाई है। एक दम किनारे में सत्ता का आंकडा जुटानेवाली भाजपा को आनेवाले विषय कमेटी चयन में बडी मशक्कत करना पडेगा। इस दृष्टि से भाजपा नेता कांग्रेस के नेताओं को मनाने में जुटे है, ऐसी राजनीतिक गलियारों में चर्चा भी है।

उधर कांग्रेस ने भी भाजपा की नाक में दम करने की रणनीति बनाई है। इसी कारण अब स्टैंडिंग कमेटी की चयन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। यह कड़ा रुख कौनसा मोड लेता है? यह देखना दिलचस्प हो गया है।

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