

Hamas Terrorist Naji Zaheer in LeT Camp: पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से परेशान देश की तरह पेश करता है, हालांकि दुनिया के सामने कई बार उसके इस सफेद झूठ पर से पर्दा उठ चुका है। इतिहास गवाह है कि यह देश अपनी सीमा पर सक्रिय आतंकी समूहों को समर्थन और शरण देता रहा है। एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है जिसने पाकिस्तान के आतंकवादी सहयोग को बेनकाब कर दिया है। हाल के दिनों में यह देखा गया कि हमास और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों के बीच संबंध और भी गहरे होते जा रहे हैं। हाल ही में हमास के एक बड़े आतंकी कमांडर नजी जहीर ने लश्कर-ए-तैयबा के कैंप का दौरा किया, जहां उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर आमंत्रित किया गया। यह घटना साफ संकेत देती है कि दोनों संगठनों के बीच दोस्ताना और रणनीतिक संबंध स्थापित हो रहे हैं। जहीर को गुजरांवाला में पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (PMML) के कार्यक्रम में भी देखा गया, जहां उन्होंने LeT के कमांडर राशिद अली संधू के साथ एक ही स्टेज साझा की।
पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग को व्यापक रूप से LeT का राजनीतिक मोर्चा माना जाता है और संधू संगठन के मुखिया के रूप में कवर की भूमिका निभाते हैं। नजी जहीर पहले भी कई बार पाकिस्तान आ चुके हैं। फरवरी 2025 में उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का दौरा किया और वहां LeT व जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के साथ मिलकर भारत-विरोधी रैली को संबोधित किया।
यह दौरा पहलगाम आतंकी हमले से कुछ ही हफ्तों पहले हुआ था। जहीर का पाकिस्तान से संबंध अक्टूबर 2023 में और मजबूत हो गया था, जब उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजल-उर-रहमान से मुलाकात की और पेशावर में मुफ्ती महमूद कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
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नवंबर 2023 में जहीर कराची में “तूफान-ए-अक्सा” कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। जनवरी 2024 में कराची प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत की, और अप्रैल 2024 में उन्हें इस्लामाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने सम्मानित किया। जहीर का बार-बार पाकिस्तान आना इस तथ्य की पुष्टि करता है कि हमास और लश्कर-ए-तैयबा के बीच अब सहयोग केवल अवसरिक नहीं, बल्कि स्थायी और गहरा होता जा रहा है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक छवि को और स्पष्ट करती है