
फिलीपींस में आया भूकंप। इमेज-एआई
Earthquake News: फिलीपींस के दक्षिणी समुद्र तट के पास आज 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। यह जानकारी अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे (USGS) ने दी। पहले भूकंप की तीव्रता 6.7 बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे 6.4 मापा गया। भूकंप आने पर लोग अपने-अपने घर से निकल खाली मैदान की ओर भागे।
भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप स्थित सैंटियागो शहर से 27 किलोमीटर पूर्व समुद्र में था। भूकंप जमीन से 58.5 किलोमीटर गहराई में आया। वैसे, अब तक सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
पूर्वी प्रांत दावाओ ओरिएंटल में राहत कार्य से जुड़े नैश परागास ने बताया है कि किसी की मौत या नुकसान की खबर नहीं है। मुझे झटके महसूस हुए। मैंने कुछ कारों को हिलते देखा, लेकिन यह बहुत थोड़ी देर के लिए था। शायद ये पांच सेकंड तक था।
इससे पहले अक्टूबर में भी पूर्वी मिंडानाओ में 7.4 और 6.7 तीव्रता के दो भूकंप आए थे। 8 लोगों की मौत हो गई थी। इससे कुछ दिन पहले आए 6.9 तीव्रता के भूकंप में 76 लोगों की जान चली गई थी। मध्य फिलीपींस के सेबू में 72,000 घरों को नुकसान पहुंचा था। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी है। फिलीपींस में भूकंप आना आम बात है। यह देश प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका जापान से दक्षिण पूर्व एशिया और पूरे प्रशांत महासागर तक फैला है, जहां अक्सर भूकंप आते हैं।
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भूकंप का मतलब धरती का हिलना है। जब जमीन अचानक कांपती है तो उसे भूकंप कहा जाता है। धरती की ऊपरी परत को लिथोस्फियर कहा जाता है। इस परत के अंदर कई स्थानों पर चट्टानें आपस में टकराती या खिसकती हैं। जब यह दबाव अधिक बढ़ता है और चट्टानें इसे सहन नहीं कर पातीं तो जोर से टूटती या सरकती हैं। इस वजह से धरती में कंपन होता और भूकंप आता है। भूकंप की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। कभी झटके हल्के होते हैं, जो कुछ सेकंड में खत्म होते हैं। कभी-कभी भूकंप बहुत तेज होता है, जिससे लोग गिर सकते हैं। इमारतें हिलने लगती हैं। पूरे शहर को भारी नुकसान पहुंच सकता है।






