

Girl Who Lit Cigarette With Khamenei Picture: ईरान में इन दिनों आर्थिक बदहाली और महंगाई को लेकर लोग सड़कों पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच इंटरनेट पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई है। इस तस्वीर में एक महिला बिना हिजाब के खुलेआम ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की जलती हुई तस्वीर का इस्तेमाल अपनी सिगरेट सुलगाने के लिए करती नजर आ रही है।
इस साहसी और विवादास्पद कारनामें ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है और सोशल मीडिया पर इसे ईरान के शासन के खिलाफ एक बड़े प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, वायरल तस्वीर में दिख रही महिला का नाम मोर्टिसिया एडम्स है। एडम्स कोई सामान्य प्रदर्शनकारी नहीं बल्कि एक सक्रिय ऑनलाइन एक्टिविस्ट और कमेंटेटर हैं। वह अपने सोशल मीडिया हैंडल, विशेष रूप से 'एक्स' पर राजनीतिक मीम्स और कड़े राजनीतिक पोस्ट साझा करने के लिए जानी जाती हैं। वर्तमान में उनके 'एक्स' हैंडल पर 11 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखने से पता चलता है कि उन्होंने पहले भी ईरान के वर्तमान शासन के खिलाफ कई तीखी टिप्पणियां और पोस्ट किए हैं।
सोशल मीडिया पर अक्सर भ्रामक जानकारियों के साथ चीजें साझा की जाती हैं, और इस तस्वीर के साथ भी ऐसा ही हुआ। जांच में सामने आया है कि यह तस्वीर वर्तमान में ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की नहीं है। असल में, यह फोटो साल 2023 की है जब ईरान में महसा अमीनी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह तस्वीर ईरान की सीमा के भीतर की है ही नहीं। जानकारी के मुताबिक, यह फोटो कनाडा के रिचमंड हिल इलाके में ली गई थी। इस प्रकार, इसे वर्तमान ईरानी क्रांति से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
भले ही यह फोटो पुरानी और विदेश की हो, लेकिन ईरान में वर्तमान स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। 28 दिसंबर को आर्थिक संकट को लेकर शुरू हुई बगावत अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैल चुकी है। तेहरान से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अब तक इन हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। लोग बड़ी तादाद में सड़कों पर उतरकर नारेबाजी और आगजनी कर रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ ईरानी सरकार इन प्रदर्शनों को आंतरिक जनआक्रोश मानने से इनकार कर रही है। तेहरान का कहना है कि ये घटनाएं किसी विदेशी साजिश का हिस्सा हैं, जिन्हें अमेरिका और इजरायल के समर्थन से अंजाम दिया जा रहा है। ईरान के अनुसार कुछ ‘उपद्रवी तत्व’ देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच पूरे देश में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।