वर्धा: प्रति व्यक्ति आय में भारी उछाल, पर कृषि पिछड़ी; 12 साल में खेती की आय में मामूली बढ़ोतरी

Wardha Economic Welfare: वर्धा की प्रति व्यक्ति आय 86,031 से बढ़कर 2,55,758 हुई, लेकिन कृषि क्षेत्र की आय में मात्र 4,815 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई। कृषि को मजबूत करने हेतु विशेष प्रयासों की जरूरत।
Wardha's per capita income rose significantly to 2.55 Lakhs, yet the agri-sector saw minimal growth. Experts call for urgent measures to boost the rural economy.
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- सोशल मीडिया)
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Agriculture Income Wardha: वर्धा में  सन 2011-12 की तुलना में 2023-24 में जिले के प्रति व्यक्ति स्थूल जिला आय (पीसीडीआई) में 1,69,727 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि इसी अवधि में कृषि एवं कृषि पूरक क्षेत्र की आय में मात्र 4,815 करोड़ रुपये की ही नाममात्र वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की आय में ठोस बढ़ोतरी के लिए शासन और प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की जा रही है।

जिले में एक वर्ष में उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य (जीडीडीपी) को जिले की कुल जनसंख्या से विभाजित कर प्राप्त औसत को आय समझा जाता है। इसे जिले के निवासियों की आर्थिक प्रगति, जीवन स्तर और आर्थिक कल्याण का प्रमुख संकेतक माना जाता है। सन 2011-12 के बाद समय-समय पर महंगाई में तेज बढ़ोत्तरी हुई है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आसमान छूती रहीं। वहीं 2011 के बाद जनसंख्या की सटीक जानकारी के लिए उपयोगी जनगणना नहीं हो सकी है, विभिन्न वस्तुओं के दामों में भी वृद्धि हुई है। सन 2011-12 में जिले की प्रति व्यक्ति स्थूल आय 86,031 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 2,55,758 करोड़ रुपये हो गई

कृषि व कृषि पूरक क्षेत्र जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़

वर्धा जिले में गिने-चुने बड़े उद्योग है। आज भी बड़ी संख्या में लोगों का जीवन-यापन कृषि और कृषि पूरक व्यवसायों पर निर्भर है। कभी प्राकृतिक आपदाएं तो कभी व्यापारियों द्वारा शोषण इन परिस्थितियों के कारण किसान हताश हो रहे हैं। कई मामलों में किसान आत्महत्या जैसा कठोर कदम भी उठा रहे हैं। किसान आत्महत्या प्रभावित जिले का दाग मिटाने के लिए जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि एवं कृषि पूरक क्षेत्र को और मजबूत बनाने हेतु विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

कृषि व कृषि पूरक क्षेत्र की आय की स्थिति

क्रम संख्या वर्ष (सन) आय (करोड़ रुपये)
1 2011-12 2,024
2 2012-13 2,455
3 2013-14 2,164
4 2014-15 2,126
5 2015-16 3,218
6 2016-17 4,353
7 2017-18 3,828
8 2018-19 4,127
9 2019-20 4,711
10 2020-21 4,670
11 2021-22 6,822
12 2022-23 6,468
13 2023-24 6,839
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