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NATO में हो गई बगावत! ग्रीनलैंड को बचाने सामने आया जर्मनी, सैना तैनात करने का किया ऐलान, ट्रंप की नींद हराम

US Greenland Issue: ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी ने अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ाया। जर्मनी और यूके नाटो मिशन के तहत ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर एक योजना बना रहे हैं।

  • By अक्षय साहू
Updated On: Jan 12, 2026 | 12:33 PM

ग्रीनलैंड में सेना तैनात करेगा जर्मनी (सोर्स- सोशल मीडिया)

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Germany to Deploy Troops to Greenland: डोनाल्ड ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति ने सिर्फ अमेरिकी घरेलू राजनीति ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीतिक संतुलन को भी गहराई से प्रभावित किया है। शुरुआत में ट्रंप का टकराव अमेरिका के पारंपरिक विरोधियों तक सीमित था, लेकिन समय के साथ उनकी आक्रामक नीति अपने ही सहयोगियों के लिए भी चिंता का कारण बनती जा रही है।

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के हालिया रुख ने इसी बदलते समीकरण को उजागर कर दिया है। ट्रंप की बयानबाजी ने दशकों पुराने सहयोग और भरोसे को कमजोर करने का संकेत दिया है, जिससे 77 साल पुराने सामूहिक सुरक्षा के वादे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावों और टिप्पणियों के बाद यूरोपीय देश सतर्क हो गए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे किसी भी तरह की मनमानी को स्वीकार नहीं करेंगे।

ग्रीनलैंड में सेना तैनात करेगा जर्मनी

इसी बीच, अमेरिका की चुनौती का जवाब तलाशने के लिए जर्मनी एक नए नाटो मिशन की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय देशों का एक समूह ग्रीनलैंड में सैन्य बल तैनात करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। इस पहल का नेतृत्व जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यूरोप, नाटो और पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करना है। साथ ही वे अमेरिका को यह संदेश देना चाहते हैं कि ग्रीनलैंड अकेला नहीं है और उसकी सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।

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जर्मनी आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के लिए एक संयुक्त नाटो मिशन शुरू करने का प्रस्ताव देने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि इस कदम का मकसद अमेरिका के साथ ग्रीनलैंड को लेकर बढ़े तनाव को कम करना भी है। गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जता चुके हैं।

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ट्रंप के रूख से यूरोपिय देश परेशान

ग्रीनलैंड भले ही डेनमार्क के अधीन हो, लेकिन उसकी सीमित आबादी और सैन्य क्षमता के कारण उसकी सुरक्षा केवल डेनमार्क के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। ऐसे में नाटो गठबंधन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, जिसमें अमेरिका खुद एक प्रमुख सदस्य है। लेकिन जब वही अमेरिका किसी नाटो सदस्य की सुरक्षा के लिए खतरा बनता दिखे, तो यह गठबंधन के लिए एक गंभीर चुनौती बन जाती है। 

Germany britain protect greenland from us threat deploy troop

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Published On: Jan 12, 2026 | 12:33 PM

Topics:  

  • Germany
  • Greenland
  • NATO

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