
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, पीएम मोदी
Friedrich Merz India Visit: भारत और जर्मनी के संबंधों को आज नई गति मिलने जा रही है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। साबरमती आश्रम में प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ के बीच महात्मा गांधी की विरासत और भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े आदर्शों पर चर्चा हुई। इसके बाद सुबह 10 बजे दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शामिल हुए, जो भारत की सांस्कृतिक परंपरा और जनसंपर्क का प्रतीक है।
इसके बाद सुबह 11:15 बजे महात्मा मंदिर में भारत-जर्मनी प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत शुरू होगी। इन बैठकों में दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा करेंगे।
जर्मनी भारत का रणनीतिक सहयोगी है और यूरोप में भारत के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में शामिल है। चांसलर मर्ज का यह भारत का पहला दौरा है और चांसलर के रूप में एशिया की उनकी पहली यात्रा भी है। भारत 7 मार्च 1951 को जर्मनी के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले शुरुआती देशों में से एक था। दोनों देश वर्ष 2026 में राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का उत्सव मनाएंगे।
भारत और जर्मनी ने 18 मई 2000 को 21वीं सदी के लिए भारत-जर्मनी साझेदारी के एजेंडे पर हस्ताक्षर किए थे। इस रणनीतिक साझेदारी ने 2025 में 25 वर्ष पूरे किए। इसकी स्मृति में मई 2025 में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जर्मनी के विदेश मंत्री वाडेफुल ने एक आधिकारिक लोगो जारी किया था। इसके अलावा, दोनों देश जी4 फ्रेमवर्क के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। विदेश मंत्रियों स्तर पर जी4 की पिछली बैठक सितंबर 2025 में न्यूयॉर्क में 80वीं यूएनजीए के दौरान हुई थी।
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जर्मनी में लगभग 3 लाख भारतीय पासपोर्ट धारक और भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें करीब 60,000 छात्र शामिल हैं। प्रवासी भारतीयों में अधिकांश प्रोफेशनल्स, शोधकर्ता और वैज्ञानिक, कारोबारी, नर्स और छात्र हैं। बीते कुछ वर्षों में आईटी, बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में कुशल भारतीय पेशेवरों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।






