NATO में बड़ा बदलाव: ट्रंप ने घटाया अमेरिका का रोल, इटली और ब्रिटेन बनेंगे नए ‘पावर सेंटर’; जानें क्या है प्लान
NATO Structure Change: ट्रंप नाटो में अमेरिका की जिम्मेदारी कम कर रहे हैं। अब इटली और ब्रिटेन को महत्वपूर्ण सैन्य कमान सौंपी जाएगी, ताकि अमेरिका अपना पूरा ध्यान चीन से निपटने पर केंद्रित कर सके।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Nato News In Hindi: दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य संगठन ‘नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन’ (NATO) में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के भीतर अमेरिका की वित्तीय और रणनीतिक जिम्मेदारी को कम करने की अपनी योजना पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। इस नए ढांचे के तहत अमेरिका अब यूरोप में अपने कई महत्वपूर्ण सैन्य कमांडरों के पद यूरोपीय सहयोगी देशों को सौंपने की तैयारी में है।
इटली और ब्रिटेन को मिलेगी बड़ी ताकत
राजनयिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस रणनीतिक बदलाव के तहत अमेरिका नाटो की नेपल्स कमान इटली को सौंप देगा। यह कमान सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूरे दक्षिणी यूरोप के मामलों और सुरक्षा की देखरेख करती है। इसके साथ ही, उत्तरी यूरोप की रक्षा की कमान ब्रिटेन को सौंपने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, अमेरिका यूनाइटेड किंगडम में समुद्री कमान को संभालना जारी रखेगा।
चीन पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति
विशेषज्ञों और राजनयिकों का मानना है कि जिम्मेदारी में यह बदलाव एक सकारात्मक संकेत है। अमेरिका काफी समय से यह मांग करता रहा है कि यूरोपीय देशों को अपने रक्षा खर्च का बोझ खुद उठाना चाहिए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिका को उन संसाधनों और ऊर्जा को बचाने की अनुमति देना है जिनकी उसे चीन से बढ़ते खतरों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आवश्यकता है। हालांकि कमांड में बदलाव हो रहे हैं लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि नाटो के भीतर केंद्रीय और निर्णायक भूमिका अभी भी अमेरिका के पास ही बनी रहेगी।
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यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया और ग्रीनलैंड विवाद
नाटो में इस बदलाव की रिपोर्ट सबसे पहले फ्रांसीसी पत्रिका ‘ला लेटर’ द्वारा दी गई थी जिसमें बताया गया था कि इन प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में अभी कई महीने लग सकते हैं। इस बीच, यूक्रेन में जारी रूसी युद्ध को देखते हुए यूरोपीय देशों ने पहले ही अपने रक्षा बजट में वृद्धि कर दी है।
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दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर अपनी महत्वाकांक्षाओं ने यूरोपीय देशों के बीच कुछ चिंताएं और नाराजगी पैदा कर दी है। इन तनावों के बावजूद, नाटो में अमेरिकी राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका नाटो को खत्म नहीं करना चाहता बल्कि इसे और मजबूत बनाना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 32 सदस्यों के साथ यह संगठन भविष्य में पहले से भी कहीं अधिक शक्तिशाली होगा।
