- Hindi News »
- World »
- First Ramadan In Gaza After Ceasefire Emotional Iftari Amid Ruins
खंडहरों में रोजा, सड़कों पर इफ्तारी…सीजफायर के बाद गाजा में पहली रमजान, सामने आई इमोशनल करने वाली तस्वीरें
Israel-Gaza War: युद्धविराम के बाद पहला रमजान गाजा में उम्मीद और दर्द साथ लाया है मलबे के बीच सजी रोशनियां, टेंटों में इफ्तार, और बेहतर कल की आस में जीते लोग।
- Written By: अक्षय साहू

गाजा में सड़कों पर इफ्तारी करते लोग (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ramadan in Gaza: रमजान का पवित्र महीना गाजा के लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है उम्मीद कि हालात बदलेंगे, ऊपरवाला रहम करेगा और गाजा सिर्फ तबाही का प्रतीक बनकर नहीं रह जाएगा। पाक महीने की शुरुआत के साथ ही गाजा सिटी की ढही हुई इमारतों और मलबे से भरी सड़कों पर छोटे-छोटे लालटेन और रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट दिखाई देने लगी है।
युद्ध की विभीषिका में अपना बचपन खो चुके बच्चों के चेहरों पर भी मुस्कान और थोड़ी राहत झलक रही है। आखिरकार, पिछले साल अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बाद यह पहला रमजान है।
रमजान की पहली सुबह फज्र की नमाज
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ओमारी मस्जिद में रमजान की पहली सुबह फज्र की नमाज के लिए दर्जनों लोग इकट्ठा हुए। ठंड से बचने के लिए उन्होंने भारी जैकेट पहन रखी थीं, हालांकि उनके पैर कालीन पर नंगे थे। गाजा सिटी के निवासी अबू आदम ने कहा, “कब्ज़े, मस्जिदों और स्कूलों की तबाही और हमारे घरों के ढहाए जाने के बावजूद हम इन कठिन हालात में भी इबादत के लिए यहां आए हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि पिछली रात इलाके पर हमले हुए, लेकिन इससे उनके इरादे नहीं डगमगाए।
सम्बंधित ख़बरें
भारत-इजरायल की दोस्ती खत्म! PM मोदी के दौरे से ठीक पहले उठाया बड़ा कदम, पाकिस्तान का दिया साथ
‘सावन में जैसे मीट शॉप बंद तो रमजान में शराब की दुकान भी बंद होनी चाहिए’, ओवैसी की पार्टी ने सरकार से की मांग
PM मोदी ने दी रमजान की मुबारकबाद, कहा- पाक महीना हमारे समाज में एकजुटता की भावना को मजबूत करे
रमजान की पहली सहरी में क्या खाएं? जानिए रोज़ा के दिनों में क्या खाना कर सकता है नुकसान
गाजा में सजी दुकानें (सोर्स- सोशल मीडिया)
स्थानीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, उसी सुबह गाजा सिटी के पूर्वी हिस्सों और मध्य गाजा के एक शरणार्थी शिविर पर भी तोपों से हमले किए गए। अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को गाजा में प्रवेश की अनुमति न मिलने के कारण हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो पाती।
खुशी में घुला दर्द
अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद भी गाजा के दक्षिणी इलाकों में हजारों लोग अब तक टेंट और अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं। उन्हें अपने घरों के पुनर्निर्माण का इंतज़ार है। अल-मवासी क्षेत्र में रहने वाली निविन अहमद कहती हैं कि यह युद्ध के बिना पहला रमजान है, लेकिन इसके एहसास “मिले-जुले” हैं। वे बताती हैं, “खुशी कहीं दब सी गई है। हमें अपने उन प्रियजनों की याद सताती है जो शहीद हो गए, लापता हैं या हिरासत में हैं।”
गाजा के बाजारों में दिखी रौनक (सोर्स- सोशल मीडिया)
युद्धविराम के बावजूद गाजा में जरूरी वस्तुओं की कमी बनी हुई है। कमजोर अर्थव्यवस्था और भारी विनाश के चलते अधिकांश लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं। संयुक्त राष्ट्र और राहत संगठनों का कहना है कि प्रवेश बिंदुओं पर नियंत्रण के कारण पर्याप्त सामान गाजा तक नहीं पहुंच पाता, जिससे कीमतें कम नहीं हो पा रहीं।
हर हाल में खास है रमजान
गाजा सिटी से विस्थापित 37 वर्षीय महा फाठी, जो शहर के पश्चिम में एक तंबू में रह रही हैं, कहती हैं, “इतनी तबाही और दुख के बावजूद रमजान की अहमियत कम नहीं हुई है। युद्ध के दौरान जब हर कोई अपने संघर्ष में उलझा था, अब लोग फिर से एक-दूसरे के दर्द को समझने लगे हैं।”
वे बताती हैं कि परिवार और पड़ोसी मिलकर सहरी की तैयारी करते हैं और साधारण सजावट से भी रमजान का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। बाजारों की हलचल और रोशनी उन्हें स्थिरता की वापसी की उम्मीद देती है।
गाजा में युद्धविराम के बाद पहली रमजान (सोर्स- सोशल मीडिया)
मध्य गाजा के देर अल-बलाह समुद्र तट पर एक स्थानीय कलाकार ने रेत पर अरबी में “वेलकम रमजान” लिखकर माहौल को और खास बना दिया। पास के तंबुओं में रहने वाले बच्चे इसे उत्सुकता से निहारते रहे।
दो साल से अधिक समय तक चले संघर्ष में गाजा के लगभग 22 लाख निवासियों में से ज्यादातर लोग कम से कम एक बार विस्थापित हुए। यह संघर्ष 7 अक्टूबर को हुए हमले के बाद शुरू हुआ था।
यह भी पढ़ें: भारत-इजरायल की दोस्ती खत्म! PM मोदी के दौरे से ठीक पहले उठाया बड़ा कदम, पाकिस्तान का दिया साथ
गाजा सिटी के पश्चिम में तंबू में रह रहे 43 वर्षीय मोहम्मद अल-मधून बेहतर भविष्य की उम्मीद जताते हैं। वे कहते हैं, “मैं चाहता हूं कि यह आखिरी रमजान हो जो हम तंबुओं में गुजारें। जब मेरे बच्चे मुझसे लालटेन मांगते हैं और भरपूर इफ्तार की मेज़ का सपना देखते हैं, तो मैं खुद को उनके सामने लाचार महसूस करता हूं।”
First ramadan in gaza after ceasefire emotional iftari amid ruins
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
‘इसने तो मशीन को भी फेल कर दिया…’, सीमा हैदर के छठी बार मां बनने पर फिर बोलीं ‘लप्पू से सचिन’ वाली भाभी
Feb 19, 2026 | 01:30 PMभारत में पहली बार होगा Digital Census! मोबाइल ऐप से दर्ज होगा आपका डेटा; जानें पूरा शेड्यूल
Feb 19, 2026 | 01:30 PMजूनागढ़ में शादी के पंडाल में पहुंचीं दो शेरनियां, वायरल वीडियो ने लोगों को चौंकाया
Feb 19, 2026 | 01:28 PMछत्रपति संभाजीनगर: अवैध कनेक्शन नियमित करो, तभी मिलेगी नई पाइपलाइन; 2740 करोड़ की जल योजना में सख्ती के निर्दे
Feb 19, 2026 | 01:25 PMगोंदिया: 35 लाख का बिजली बिल बकाया, 48 गांवों की जलापूर्ति ठप; 50 हजार लोग परेशान
Feb 19, 2026 | 01:25 PMBoard Exam: 12वीं की परीक्षा में पकड़े गए 11 नकलची छात्र; अब तक 22 छात्र हुए ‘ब्लैकलिस्ट’
Feb 19, 2026 | 01:23 PMखंडहरों में रोजा, सड़कों पर इफ्तारी…सीजफायर के बाद गाजा में पहली रमजान, सामने आई इमोशनल करने वाली तस्वीरें
Feb 19, 2026 | 01:21 PMवीडियो गैलरी

चीनी रोबोट का ‘स्वदेशी’ मुखौटा उतरा! गलगोटिया यूनिवर्सिटी समिट से बाहर, जानें यूनिट्री Go2 का पूरा सच
Feb 18, 2026 | 10:10 PM
AI Impact Summit 2026: जब रोबोट ने लगाए ठुमके तो थमी रह गईं नजरें, देखें भविष्य की तकनीक का जलवा-VIDEO
Feb 18, 2026 | 10:06 PM
वाराणसी की दालमंडी में बुलडोजर एक्शन, जर्जर भवनों पर चला नगर निगम का पंजा; पुलिस छावनी में तब्दील इलाका
Feb 18, 2026 | 10:01 PM
रिसर्च के नाम पर खेल! चीनी रोबोट के बाद अब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर पेटेंट के जरिए करोड़ों कमाने का आरोप-VIDEO
Feb 18, 2026 | 09:57 PM
पटना में मरीज ले जा रही एंबुलेंस को पार्किंग वालों ने रोका, पैसे के लिए ड्राइवर से की बदसलूकी; VIDEO वायरल
Feb 18, 2026 | 09:52 PM
पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार! शाहपुर कंडी बांध बनकर तैयार, अब बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पड़ोसी मुल्क-VIDEO
Feb 18, 2026 | 09:47 PM













