छत्रपति संभाजीनगर: अवैध कनेक्शन नियमित करो, तभी मिलेगी नई पाइपलाइन; 2740 करोड़ की जल योजना में सख्ती के निर्दे

Sambhajinagar Illegal Connections: मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत ने निर्देश दिए हैं कि अवैध नल कनेक्शन नियमित किए बिना नई पाइपलाइन नहीं डाली जाएगी। दंड भरकर कनेक्शन वैध कराने पर ही योजना का लाभ मिलेगा।
Jalna Illegal Water Connections
जालना शहर में अवैध नल कनेक्शन ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर में अनधिकृत नल कनेक्शनों की समस्या का समाधान किए बिना संबंधित क्षेत्रों में नई पानी पाइपलाइन नहीं डाली जाएगी। यह स्पष्ट निर्देश मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत ने पेयजल आपूर्ति विभाग को दिए हैं।

उन्होंने साफ किया है कि जो नागरिक दंड भरकर अपने कनेक्शन नियमित कराएंगे, उन्हों को नई पानी आपूर्ति योजना का लाभ दिया जाएगा। शहर के लिए लगभग 2740 करोड़ रुपये की नई पानी आपूर्ति योजना लागू की जा रही है।

इसके अंतर्गत आंतरिक पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। जिन क्षेत्रों में अधिकृत नल कनेक्शन हैं वहां कार्य सुचारु रूप से प्रगति पर है। लेकिन जिन क्षेत्रों में अनधिकृत कनेक्शनों की संख्या अधिक है वहां कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

मनपा के अभिलेखों के अनुसार शहर में लगभग सवा लाख अधिकृत नल कनेक्शन दर्ज हैं। प्रशासन का अनुमान है कि अनधिकृत कनेक्शनों की वास्तविक संख्या इससे दोगुनी हो सकती है।

पुरानी पाइप लाइन पर बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन लिए गए हैं। आयुक्त ने निर्देश दिया है कि पुरानी लाइन पर लिए गए अनधिकृत कनेक्शनों को दंड सहित नियमित किया जाए।

संबंधित क्षेत्र के नागरिक यदि अपने कनेक्शन वैध कराते हैं तो वहां नई पाइपलाइन डाली जाएगी। अन्यथा उस क्षेत्र को नई योजना से पानी आपूर्ति नहीं की जाएगी।

प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर एक ही घर में दो से तीन नल कनेक्शन लिए गए हैं। नई योजना में प्रत्येक कनेक्शन का पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। यदि नियम विरुद्ध कनेक्शन जारी रहे तो संबंधित क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने से इंकार किया जाएगा।

अनधिकृत कनेक्शनों पर दिए कार्रवाई के संकेत

नई पानी आपूर्ति योजना को व्यवस्थित और धारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए अनधिकृत नल कनेक्शनों पर नियंत्रण आवश्यक बताया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से दंड भरकर अपने कनेक्शन अधिकृत कराए, नियमों का पालन नहीं करने वाले क्षेत्रों को नई योजना का लाभनहीं मिलेगा, यह भी स्पष्ट कर दिया गया है।

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