गोंदिया: 35 लाख का बिजली बिल बकाया, 48 गांवों की जलापूर्ति ठप; 50 हजार लोग परेशान

Gondia Water Crisis News: गोंदिया की बनगांव जलापूर्ति योजना का बिजली बिल बकाया होने से 48 गांवों में पानी बंद। 50 हजार लोग प्रभावित। जिप ने कहा- टैक्स जमा होने पर ही शुरू होगी सप्लाई।
Gondia: Electricity bills worth Rs 3.5 million pending, water supply to 48 villages disrupted; 50,000 people troubled
गोंदिया की बनगांव जलापूर्ति योजना का बिजली बिल बकाया होने से 48 गांवों में पानी बंद (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Maharashtra Water Issue News: आमगांव-सालेकसा तहसील के 48 गांवों-कस्बों में बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। लेकिन लगभग 35 लाख रुपय का बिजली बिल बकाया होने के कारण विघुत विभाग ने 17 फरवरी को योजना की विघुत आपूर्ति खंडित कर दी है। जिसके चलते 18 फरवरी से जलापूर्ति बंद हो गई। जलापूर्ति बंद होने से करीब 50 हजार लाभार्थियों को बूंद-बूंद पानी के लिए ऐन गर्मी के मौसम में तरसना पड़ रहा है।

इस योजना का संचालन गोंदिया जिप के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा किया जाता है। विभाग का कहना है कि योजना के लाभ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली आमगांव नपं व अन्य ग्राम पंचायतों द्वारा समय पर पानी टैक्स की राशि नहीं भरने के कारण बार-बार इस तरह की समस्या निर्माण होती है। क्योंकि टैक्स की राशि से ही बिजली का बिल का भुगतान और जलापूर्ति योजना की देखभाल और मरम्मत का काम करने वाली एजेंसी को भुगतान किया जाता है।

कार्रवाई से बदलाव की स्थिति

यदि टैक्स ही जमा नहीं होगा तो योजना चलाना संभव नहीं है। इसके लिए काफी हद तक ग्राम पंचायतों के साथ उपभोक्ता भी जिम्मेदार हैं। लेकिन एक तथ्य यह भी है कि नप व ग्रापं प्रशासन द्वारा टैक्स वसूली के लिए कोई उपाय ही नहीं किए जाते। यदि विघुत विभाग की तरह ही समय पर टैक्स की राशि नहीं भरने पर नल कनेक्शन काट दिए जाने की कार्रवाई की जाए तो शायद स्थिति में भारी बदलाव हो सकता है।

पहले टैक्स की राशि जमा करें

ग्रामीण जलापूर्ति उपविभाग राजेंद्र सतदेवे  ने बताया की बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत आने वाले नपं व ग्रापं पर लगभग 1 करोड़ रु। से अधिक का टैक्स बकाया है। उसी प्रकार विद्युत विभाग का जिप ग्रामीण जलापूर्ति योजना पर 35 लाख रुपय का बिल बकाया है। जिसका भुगतान नहीं किए जाने के कारण महावितरण ने आपूर्ति खंडित कर दी है। इस कारण किसी भी गांव में जलापूर्ति संभव नहीं है। टैक्स की राशि आने के बाद विघुत बिल का भुगतान होने पर ही जलापूर्ति बहाल हो सकेंगी।

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