वेनेजुएला में चीन के 'ब्रह्मास्त्र' निकले कबाड़! जानें कैसे अमेरिकी फोर्स ने रडार को किया अंधा?

Chinese Radar Fail In Venezuela: चीन के जिन रडार सिस्टम पर निकोलस मादुरो को सबसे ज्यादा भरोसा था अमेरिकी सेना ने उन्हें 'इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर' से पूरी तरह नाकाम कर दिया।
China's 'ultimate weapon' in Venezuela turned out to be junk! Learn how US forces blinded the radar.
चीन के रडार सिस्टम को अमेरिकी सेना ने किया फेल, (डिजाइन फोटो)
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Chinese Weapons Fail In Venezuela: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पूरा यकीन था कि सरहदों पर तैनात चीन के सबसे खतरनाक 'शिकारी' रडार उन्हें किसी भी अमेरिकी हमले से बचा लेंगे। सितंबर 2025 में मादुरो ने बड़े गर्व के साथ वेनेजुएला की सुरक्षा में चीन के JY27A रडार की 7 यूनिट्स तैनात की थीं।

चीन का दावा था कि यह रडार दुनिया के सबसे आधुनिक 'स्टेल्थ' विमानों (जैसे F-35) को भी पकड़ सकता है। वेनेजुएला के रक्षा विशेषज्ञों ने तो यहां तक ढिंढोरा पीट दिया था कि उन्होंने अमेरिकी जेट्स को 'लॉक' कर लिया है, लेकिन डी-डे पर यह सब महज एक भ्रम साबित हुआ।

कैसे 'अंधे' हुए चीन के ब्रह्मास्त्र?

6 जनवरी 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने चीनी हथियारों का ऐसा तोड़ निकाला कि मादुरो के सुरक्षा घेरे में तैनात दो प्रमुख हथियार-JY27A और JYL1-सोते रह गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने अपनी उन्नत 'इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर' तकनीक का इस्तेमाल किया। अमेरिकी F-35 और F-22 जेट्स ने चीनी रडार के सिग्नल्स को पूरी तरह 'सप्रेस' (दबा) या जाम कर दिया। नतीजा यह हुआ कि रडार की स्क्रीन पर मादुरो की सेना को कुछ नहीं दिखा और अमेरिकी डेल्टा फोर्स बिना किसी प्रतिरोध के राष्ट्रपति के बेडरूम तक पहुंच गई।

3D सर्विलांस और मिसाइल सिस्टम भी फेल

मादुरो की सुरक्षा के लिए चीन का दूसरा घातक हथियार JYL1 भी तैनात था जो एक 'लॉन्ग रेंज 3D सर्विलांस' रडार है। इसका काम दुश्मन की हर हरकत को थ्री-डी में ट्रैक करना था लेकिन यह भी पूरी तरह फेल हो गया। जब रडार ही 'अंधे' हो गए तो चीन की मशहूर सरफेस-टू-एयर मिसाइलें-HQ9 और HQ12 भी धरी की धरी रह गईं।

ये मिसाइलें हवा में किसी भी जेट को भस्म करने की ताकत रखती हैं लेकिन उन्हें निर्देश देने वाला नेटवर्क पहले ही जाम हो चुका था। सूत्रों का कहना है कि अगर ये हथियार 5 मिनट पहले भी अलर्ट दे देते तो मादुरो अपने बेडरूम के 'सेफ रूम' में छिप सकते थे।

चीन ने अनजाने में की अमेरिका की मदद

इस विफलता ने न केवल मादुरो को सलाखों के पीछे पहुंचाया बल्कि चीन की सैन्य तकनीक की पोल भी खोल दी है। अमेरिका ने इस ऑपरेशन के जरिए चीन की तकनीक की कमजोरियों को करीब से समझ लिया है। अनजाने में ही सही, चीन ने अमेरिका को यह समझने का सुनहरा मौका दे दिया कि उनके सिस्टम को कैसे हैक या जाम किया जा सकता है। अब पूरी दुनिया में इन करोड़ों के हथियारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

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