
ताईवान की सेना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
China Taiwan Tension: अमेरिका द्वारा ताईवान क्षेत्र को 33 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य के नए हथियार पैकेज को मंजूरी देने के बाद चीन ने बुधवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। चीनी राज्य परिषद के ताईवान मामले कार्यालय के प्रवक्ता छन पिन्हुआ ने 15 नवंबर को मीडिया से बातचीत में कहा कि वॉशिंगटन की यह कार्रवाई चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने इसे तथाकथित ताईवानी स्वतंत्रता समर्थक ताकतों को “गलत और खतरनाक संकेत” बताकर इसकी निंदा की।
प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने बार-बार अमेरिका को ‘एक चीन सिद्धांत’ और दोनों देशों के बीच मौजूद तीन संयुक्त विज्ञप्तियों, विशेषकर 17 अगस्त की विज्ञप्ति, का पालन करने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिका को ताईवान को हथियार बेचने और ‘ताईवानी स्वतंत्रता’ तत्वों को किसी भी रूप में समर्थन देने से तुरंत पीछे हटना चाहिए।
पिन्हुआ ने चेतावनी देते हुए कहा कि ताईवान की स्वतंत्रता की कोशिशें और जलडमरूमध्य में शांति दोनों एक साथ संभव नहीं हैं। उनके अनुसार, ताईवानी स्वतंत्रता की राह पानी और आग जैसी है जो कभी मिल नहीं सकती। उन्होंने दोहराया कि चीन अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
इसके अलावा 14 नवंबर को हुई अन्य प्रेस वार्ता में भी प्रवक्ता ने जापानी प्रधानमंत्री के ताईवान को लेकर दिए हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ताईवान चीन का अभिन्न हिस्सा है और मातृभूमि का पुनरेकीकरण चीनी राष्ट्र के महान पुनरोत्थान के लिए अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ताईवान मुद्दे का समाधान पूरी तरह चीनी लोगों के बीच का आंतरिक मामला है और किसी भी बाहरी शक्ति को हस्तक्षेप करने का हक नहीं है।
प्रवक्ता ने जापान को सीधे चेताते हुए कहा कि टोक्यो और उसके नेता ताईवान जैसे संवेदनशील सवाल पर ‘गपशप’ न करें। चीन ने कहा कि जापान का इतिहास और उसके पूर्व कदम इस मामले पर सलाह देने की स्थिति में नहीं हैं।
यह भी पढ़ें:- तैयार रहो! ईरान ने पूरे देश में बजाया इमरजेंसी अलर्ट, क्या फिर दहलेगा मिडिल ईस्ट?
अमेरिका-चीन-ताईवान त्रिकोणीय तनाव लगातार बढ़ रहा है, और चीन की इस कड़ी प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है। वहीं, ताईवान की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) ने अमेरिका की इस सैन्य मदद के लिए आभार जताते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है।






