चीन पर ताइवान का बड़ा आरोप, (डिजाइन फोटो)
China Taiwan Latest News In Hindi: ताइवान सरकार ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह “सीमा-पार दमन” यानी ट्रांसनेशनल रिप्रेशन के जरिए ताइवानी नागरिकों को डराने और चुप कराने की कोशिश कर रहा है। यह आरोप उस घटना के बाद सामने आया है जिसमें चीनी सरकारी मीडिया से जुड़े प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) की विधायक प्यूमा शेन की निजी जानकारी सार्वजनिक की गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन पोस्ट्स में ताइपेई स्थित प्यूमा शेन के घर और कार्यस्थल की सैटेलाइट तस्वीरें भी शामिल थीं। ताइवान के विदेश मंत्रालय ने इस कृत्य को ‘डिजिटल सत्तावाद’ और डॉक्सिंग का उदाहरण बताते हुए इसे लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद खतरनाक करार दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन का राज्य-नियंत्रित मीडिया इस तरह के घृणित तरीकों का इस्तेमाल कर ताइवान में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि स्वतंत्र अभिव्यक्ति को दबाया जा सके। मंत्रालय ने ताइवान के प्रमुख दैनिक अखबार ताइपेई टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह पूरी घटना निजता और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
जानकारी के मुताबिक, 2 जनवरी को फेसबुक पर चीन की सरकारी मीडिया से जुड़े चैनल स्ट्रेट प्लस ने एक पोस्ट साझा की थी। इसमें दावा किया गया कि एक चीनी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने प्यूमा शेन के घर और दफ्तर का सटीक स्थान उजागर किया है। पोस्ट के अनुसार, उक्त इन्फ्लुएंसर ने ताइपेई की व्यावसायिक सैटेलाइट इमेजरी खरीदकर उस पर विधायक के आवास और कार्यस्थल को चिह्नित किया था।
इतना ही नहीं, उस इन्फ्लुएंसर ने यह भी दावा किया कि चीन के चोंगछिंग नगर सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो ने 2025 में प्यूमा शेन को ताइवान में कथित अलगाववादी गतिविधियों से जुड़े एक आपराधिक मामले में वांछित घोषित किया था।
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चीन को ताइवान के लोगों पर किसी भी तरह का अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 12 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की निजता, परिवार, घर या सम्मान में मनमाना हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
मंत्रालय ने इस कार्रवाई को सभ्यता की सीमाओं को पार करने वाला निजता पर हमला बताते हुए निंदनीय करार दिया। साथ ही यह भी घोषणा की गई कि विदेशों में स्थित ताइवान के मिशनों में आपात प्रतिक्रिया और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाएगा ताकि ताइवानी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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इधर, ताइवान के डिजिटल मामलों के मंत्रालय ने इस घटना को साइबर बुलिंग का गंभीर मामला बताया है। मंत्रालय के अनुसार, किसी व्यक्ति के आवास को सैटेलाइट इमेजरी के जरिए चिन्हित कर सार्वजनिक करना कानून के खिलाफ है और इससे व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा से ऐसी सामग्री हटाने का आग्रह किया है और लोगों से अपील की है कि वे घृणास्पद डिजिटल अभियानों का हिस्सा न बनें।