यूक्रेन को हंगरी की बड़ी धमकी, 90 अरब यूरो का कर्ज रोका (सोर्स-सोशल मीडिया)
Hungary EU Ukraine Aid: रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के चार साल पूरे होने से ठीक पहले यूरोपीय संघ के भीतर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हंगरी ने यूक्रेन को दी जाने वाली 90 अरब यूरो की विशाल आर्थिक सहायता को पूरी तरह से रोकने का चौंकाने वाला ऐलान किया है। हंगरी की सरकार का कहना है कि जब तक यूक्रेन उनके देश को होने वाली रूसी तेल की सप्लाई को बहाल नहीं करता, तब तक वे झुकेंगे नहीं। इस कदम ने युद्ध के मैदान में संघर्ष कर रहे यूक्रेन के लिए एक नई और गंभीर वित्तीय चुनौती खड़ी कर दी है।
हंगरी ने यूरोपीय संघ के उस फैसले को बाधित कर दिया है जिसमें यूक्रेन को लगभग 106 अरब डॉलर का महत्वपूर्ण ऋण दिया जाना था। यह कर्ज पैकेज पिछले साल दिसंबर में यूक्रेन की सैन्य और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से मंजूर किया गया था। लेकिन अब हंगरी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी शर्तों के बिना इस फाइल को आगे बढ़ने नहीं देगा।
विवाद की मुख्य जड़ यूक्रेन के रास्ते आने वाली पाइपलाइन है जिससे हंगरी और स्लोवाकिया को रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। बीते 27 जनवरी से इस पाइपलाइन के जरिए होने वाली सप्लाई अचानक ठप पड़ी हुई है जिसे लेकर दोनों देश बेहद परेशान हैं। यूक्रेन का दावा है कि रूसी ड्रोन हमलों के कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है लेकिन हंगरी इस तर्क को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्टो ने यूक्रेन पर आरोप लगाया है कि वह तेल आपूर्ति रोककर यूरोपीय देशों को ब्लैकमेल कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक तेल आपूर्ति नहीं खुलती, हंगरी यूक्रेन के हित वाले ईयू के हर फैसले को ब्लॉक करता रहेगा। इससे दो दिन पहले ही हंगरी ने यूक्रेन को भेजे जाने वाले डीजल की महत्वपूर्ण खेप पर भी पाबंदी लगा दी थी।
यूरोपीय संघ के अधिकांश देशों ने रूस पर अपनी निर्भरता कम कर ली है लेकिन हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन इसे अनिवार्य मानते हैं। ओर्बन को अक्सर यूरोपीय संघ के भीतर रूस के सबसे बड़े समर्थक के तौर पर देखा जाता है जो लगातार सैन्य मदद का विरोध करते हैं। यूक्रेन के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि उसे अगले दो वर्षों के लिए इस फंड की सख्त आवश्यकता है।
हंगरी और स्लोवाकिया को रूसी तेल आयात पर लगे प्रतिबंधों से यूरोपीय संघ की ओर से फिलहाल एक अस्थायी छूट मिली हुई है। दोनों देशों का मानना है कि यूक्रेन जानबूझकर आपूर्ति बाधित कर रहा है हालांकि इसका कोई ठोस प्रमाण अब तक नहीं मिला है। इस गतिरोध के कारण पूरे क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा और यूक्रेन की आर्थिक स्थिरता अब गहरे संकट में दिखाई दे रही है।
Ans: हंगरी ने यूक्रेन को दिया जाने वाला 90 अरब यूरो (लगभग 106 अरब डॉलर) का महत्वपूर्ण लोन रोकने का ऐलान किया है।
Ans: हंगरी की शर्त है कि जब तक यूक्रेन के रास्ते आने वाली रूसी तेल की आपूर्ति बहाल नहीं होती, वह मदद नहीं देगा।
Ans: हंगरी और स्लोवाकिया को होने वाली रूसी तेल की सप्लाई 27 जनवरी से ठप है और यूक्रेन का दावा है कि ड्रोन हमले से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है।
Ans: प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन को यूरोपीय संघ में रूस का सबसे बड़ा समर्थक माना जाता है और वे रूसी ऊर्जा को अपनी अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य मानते हैं।
Ans: इस कर्ज पैकेज का मुख्य उद्देश्य अगले दो वर्षों तक यूक्रेन की सैन्य और आर्थिक जरूरतों को पूरा करना सुनिश्चित करना है।