पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर टीटीपी के ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Military Operations Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच का तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है क्योंकि पाकिस्तानी वायुसेना ने सीमावर्ती इलाकों में बड़ी कार्रवाई की है। रविवार तड़के हुए इन हवाई हमलों में पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। काबुल में बैठी तालिबान सरकार ने इस सैन्य कार्रवाई पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है। अफगानिस्तान ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को इस आक्रामकता का परिणाम भुगतना होगा और वे इसका बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की है कि सेना ने इंटेलिजेंस आधारित चयनात्मक ऑपरेशन किए हैं। सरकार का दावा है कि ये हमले विशेष रूप से टीटीपी और उनके सहयोगी संगठनों के सात कैंपों को निशाना बनाकर किए गए थे। सेना के अनुसार ये आतंकी संगठन पाकिस्तान के भीतर हाल ही में हुए कई घातक फिदायीन हमलों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे।
वायुसेना की यह कार्रवाई विशेष रूप से उन क्षेत्रों में की गई है जहां आतंकी अपनी सुरक्षित पनाहगाह होने का दावा करते थे। पाकिस्तान का मानना है कि इन ऑपरेशनों से आतंकियों की कमर टूट जाएगी और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर लगाम लगेगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय इस्लामिक स्टेट से जुड़े गुटों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है।
हालांकि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर उन सटीक स्थानों का नाम नहीं लिया है जहां ये हमले किए गए थे लेकिन रिपोर्ट कुछ और ही बताती हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये हमले अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करके अफगानिस्तान के भीतर किए गए हैं। पाकिस्तान का उद्देश्य उन कमांडरों को खत्म करना था जो अफगान जमीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में हिंसा फैला रहे थे।
अफगान सरकार की ओर से जारी बयान में पाकिस्तान के इन दावों को सिरे से खारिज किया गया है कि केवल आतंकियों को मारा गया है। काबुल प्रशासन का कहना है कि पाकिस्तानी विमानों ने एक धार्मिक मदरसे पर हमला किया है जहां बच्चे और आम लोग मौजूद थे। इस हमले में कुल 19 आम नागरिकों की मौत का दावा किया गया है जिसके बाद वहां के लोगों में भारी आक्रोश है।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी जेट विमानों ने पक्तिका प्रांत के बरमल जिले और नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में बमबारी की है। इसके अलावा पक्तिका के अर्गुन और नंगरहार के बहसोद व गनी खेल जिलों में भी कई हवाई हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया है और कड़ा विरोध जताया है।
अफगानिस्तान ने चेतावनी दी है कि वे अपनी सीमा की रक्षा करना जानते हैं और इस हमले का जवाब देने का अधिकार रखते हैं। तालिबान के प्रवक्ताओं ने कहा है कि पाकिस्तान को इस तरह की उकसाने वाली कार्रवाइयों से बचना चाहिए वरना क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ जाएगी। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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टीटीपी और अफगान तालिबान के बीच संबंधों को लेकर पाकिस्तान हमेशा से ही गंभीर चिंताएं व्यक्त करता रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद टीटीपी के हौसले बुलंद हुए हैं और वे वहां सुरक्षित बैठे हैं। हालांकि काबुल सरकार हमेशा इन आरोपों को नकारती रही है और कहती है कि वे अपनी जमीन किसी के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देते।
हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 11 सैनिक और एक मासूम बच्चे की जान चली गई थी। इसके साथ ही बन्नू जिले में हुए एक अन्य हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल सहित दो सैनिक शहीद हो गए थे। पाकिस्तान ने इन घटनाओं के लिए सीधे तौर पर अफगानिस्तान में बैठे टीटीपी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है और इसी का बदला लेने के लिए एयरस्ट्राइक की है।
2021 के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों में आई खटास कम होने का नाम नहीं ले रही है और सीमा पर लगातार झड़पें हो रही हैं। पिछले साल भी सीमा पर हुई गोलीबारी में कई निर्दोष नागरिकों और सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। हालांकि कतर की कोशिशों से कुछ समय के लिए शांति बनी थी लेकिन ताजा हमलों ने एक बार फिर युद्ध की चिंगारी भड़का दी है।