
हिंदू युवक दीपू चंद्र दास हत्याकांड, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Deepu Das Bangladesh Lynching: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मयमनसिंह जिले में कट्टरपंथी भीड़ द्वारा नृशंस रूप से हत्या किए गए हिंदू युवक दीपू चंद्र दास के मामले में पीड़ित परिवार के लिए एक व्यापक पुनर्वास और आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत परिवार को वित्तीय मदद के साथ-साथ पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे इस गहरे सदमे से उबर सकें।
सरकार का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना उसकी प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
18 दिसंबर 2025 को मयमनसिंह जिले के वालुका उपजिला स्थित स्क्वायर मास्टरबाड़ी क्षेत्र में कथित ईशनिंदा के आरोप में उग्र भीड़ ने दीपू दास की पीट-पीटकर और जलाकर हत्या कर दी थी। भीड़ की क्रूरता यहीं नहीं रुकी उन्हें पेड़ से लटका दिया गया था जिससे पूरे देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई थीं। दीपू दास अपने गरीब परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
सरकार का सहायता पैकेज और पुनर्वास योजना अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के निर्देश पर शिक्षा सलाहकार डॉ. सी. आर. अबरार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सहायता राशि का विवरण साझा किया:
शिक्षा सलाहकार डॉ. अबरार ने कहा कि दीपू दास की हत्या एक बेहद निंदनीय और जघन्य अपराध है जिसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसे अपराधों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है और सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
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डॉ. अबरार ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस हत्याकांड में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि पूरे मामले की जांच एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।






