बांग्लादेश में चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर BNP ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

Pre-election violence: बांग्लादेश में 12 फरवरी के चुनाव से पहले BNP नेताओं की हत्याओं ने तनाव बढ़ा दिया है। मिर्जा फखरुल ने मोहम्मद यूनुस सरकार से बिगड़ती कानून-व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।
Bangladesh Election 2026: BNP Raises Alarm Over Rising Political Violence and Leader Killings
तारिक रहमान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Bangladesh Political Violence 2026 BNP News: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां और हिंसा तेज हो गई हैं, जिससे देश में तनाव का माहौल है। मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाल के दिनों में पार्टी के कई सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुनियोजित हत्याओं ने सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, चुनावों से ठीक पहले बढ़ती हिंसक घटनाएं निष्पक्ष मतदान की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

BNP की गंभीर चिंता

बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है। आलमगीर ने अंतरिम सरकार से इन हत्याओं को रोकने के लिए तुरंत ठोस और प्रभावी कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।

कार्यकर्ता की निर्मम हत्या

जॉयपुरहाट जिले के पंचबीबी उपजिला में गुरुवार देर रात जुबो दल के एक सक्रिय सदस्य यानुल हुसैन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हमले में उनका छोटा भाई अब्दुल मोमिन भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रतिद्वंद्वी समूहों ने दोनों भाइयों पर अचानक हमला किया था, जिसमें यानुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

ढाका में भी फायरिंग

राजधानी ढाका के व्यस्त करवान बाजार इलाके में भी बुधवार रात एक वरिष्ठ बीएनपी नेता अजीजुर रहमान मोसाब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उस समय अंधाधुंध फायरिंग की जब अजीजुर अपने सहयोगियों के साथ एक चाय की दुकान पर बैठे थे। इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और कार्यकर्ताओं में भारी रोष पैदा कर दिया है।

प्रशासनिक जांच के आदेश

पंचबीबी थाना प्रभारी हाफिज रायहान ने बताया कि पुलिस ने हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का दावा है कि चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त किया जा रहा है। हालांकि, विपक्षी दलों का मानना है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हिंसा नहीं थमेगी।

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