यूनुस पर भड़की शेख हसीना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Sheikh Hasina On Bangladesh Election: बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। देश से अपदस्थ और भारत में शरण ले रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस पूरी चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी, अवैध और असंवैधानिक करार दिया है। हसीना ने न केवल इस चुनाव को खारिज किया है बल्कि अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर लोकतंत्र को कमजोर करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
शेख हसीना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मोहम्मद यूनुस ने गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में कराया गया यह चुनाव जनता के मतदान अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की पूरी तरह अनदेखी करता है।
हसीना के अनुसार, अवामी लीग और उसके विशाल मतदाता आधार को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखकर यह चुनाव एक ‘पहले से योजनाबद्ध धोखा’ है। गौरतलब है कि यूनुस सरकार ने पिछले साल ही अवामी लीग को भंग कर उस पर चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगा दिया था।
पूर्व प्रधानमंत्री ने मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली के दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, धन का इस्तेमाल और बैलेट पेपर पर जबरन मुहर लगाने जैसी घटनाएं शुरू हो गई थीं। उन्होंने दावा किया कि अवामी लीग की अनुपस्थिति के कारण जनता ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है।
हसीना ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सुबह 11 बजे तक मतदान केवल 14.96 प्रतिशत रहा जो यह साबित करता है कि कई मतदान केंद्र पूरी तरह खाली थे। इसके साथ ही उन्होंने ढाका जैसे शहरों में मतदाता सूची में संदिग्ध रूप से मतदाताओं की संख्या बढ़ाए जाने का भी आरोप लगाया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शेख हसीना ने अंतरिम सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी मांगें रखी हैं:
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बता दें कि इस चुनाव मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के बीच की टक्कर माना जा रहा है जिसमें अवामी लीग को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। मतदान के साथ-साथ देश में 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है।