बलूचिस्तान में BLA का बड़ा दावा; ‘मार गिराए 300 पाक आर्मी के जवान’, सेना बोली- हमने ढेर किए 216 लड़ाके
BLA Pakistan Army: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और BLA के बीच भीषण जंग चल रही है। जहां BLA 300 जवानों की मौत का दावा कर रहे हैं, वहीं सेना ने 216 लड़ाकों को ढेर करने की बात कही है।
- Written By: अमन उपाध्याय
बीएलए ने पाक सेना पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Balochistan Pakistan War News Hindi: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान भीषण हिंसा की चपेट में है। पिछले चार दिनों से जारी इस संघर्ष में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच दावों और प्रतिदावों का दौर जारी है।
सूत्रों के अनुसार, बीएलए ने दावा किया है कि इस हालिया संघर्ष में उसने 300 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए केवल 22 जवानों की मौत की पुष्टि की है।
ऑपरेशन ‘रद्द-उल-फित्ना-1’
पाकिस्तानी सेना ने जानकारी दी है कि विद्रोहियों के हमलों के जवाब में उन्होंने ‘रद्द-उल-फित्ना-1’ नामक एक बड़ा सैन्य अभियान सफलतापूर्वक समाप्त किया है। सेना का दावा है कि पंजगुर और हरनाई जिलों के बाहरी इलाकों में विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 216 बीएलए लड़ाकों को मार गिराया गया है। इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार, अकेले एक चरण में ही 41 आतंकवादियों को ढेर किया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
हंगरी में 16 साल के ओर्बन राज का अंत, पीटर मग्यार ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ; क्या अब बदलेगी देश की दिशा?
अगर आप भी जाते हैं हमेशा नेपाल, तो पहले जान लें ये नया नियम… वरना लौटना पड़ सकता है बॉर्डर से वापस
ट्रंप के चीन दौरे से पहले अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान की मदद करने वाली चीनी कंपनियों पर लगाया बैन
ट्रंप को कोर्ट से तगड़ा झटका! 10% नए टैरिफ को बताया गैरकानूनी, क्या भारत के लिए अब खुलेगा फायदे का रास्ता?
नागरिकों की मौत
इस खूनी संघर्ष का सबसे दुखद पहलू आम नागरिकों का मारा जाना रहा है। सेना के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस हिंसा के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 36 नागरिकों की जान चली गई है। बीएलए के लड़ाकों ने व्यापक तबाही मचाते हुए दर्जनों पुलिस चौकियों और सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया।
हमलों के कारण रेल पटरियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके चलते बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से सभी रेल सेवाएं पांच दिनों तक निलंबित रहीं। हालांकि, रेल प्रवक्ता मुहम्मद काशिफ के अनुसार, मरम्मत के बाद गुरुवार से रेल सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
भारत पर आरोप और कूटनीतिक तनाव
हमेशा की तरह, पाकिस्तान ने अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है। पाकिस्तानी सेना ने आरोप लगाया कि इन हमलों के पीछे ‘भारत प्रायोजित’ आतंकी तत्व हैं जो क्षेत्र में शांति और विकास को बाधित करना चाहते हैं। दूसरी ओर, भारत ने इन आरोपों को आधारहीन बताकर खारिज कर दिया है। भारत का स्पष्ट कहना है कि यह पाकिस्तान की पुरानी रणनीति है जो अपनी आंतरिक नाकामियों से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए भारत का नाम घसीटता है।
यह भी पढ़ें:- बांग्लादेश कोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व सांसद और 2 एएसपी को मिली मौत की सजा; रोंगटे खड़े कर देगी वजह
बलूचिस्तान का गहराता संकट
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे गरीब प्रांत है, जो लंबे समय से हिंसक विद्रोह का केंद्र बना हुआ है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें सरकार से उग्रवाद के बाहरी प्रायोजकों और उनके आंतरिक सहयोगियों के खिलाफ आक्रामक राष्ट्रीय प्रतिक्रिया अपनाने का आग्रह किया गया है।
