BLA से पिटने के बाद पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग, डिप्टी पीएम इशाक डार ने दी गीदड़भभकी
Pakistan BLA Attack: बलूचिस्तान में बीएलए के हमलों से पस्त पाकिस्तान ने अपनी आंतरिक विफलताओं से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाकर भारत को धमकी देने की कोशिश की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
इशाक डार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Ishaq Dar Kashmir Threat News In Hindi: पाकिस्तान इस समय अपने ही घर में चौतरफा संकट से घिरा हुआ है। विशेष रूप से बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों के सामने पाकिस्तानी सेना असहाय नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में पूरे बलूचिस्तान में 432 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें लगभग 205 सुरक्षा कर्मी और 248 नागरिक मारे गए।
BLA का ‘ऑपरेशन हेरोफ’
इस साल की शुरुआत में बीएलए ने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जिसमें उसने दावा किया कि 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इस हिंसा का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रहा है। बीएलए के हमलों के डर से चीन ने ग्वादर में अपना कैंप अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से बीएलए को एक आतंकी संगठन घोषित करने की मांग की है। वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में और अधिक सैनिकों की तैनाती की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
हंगरी में 16 साल के ओर्बन राज का अंत, पीटर मग्यार ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ; क्या अब बदलेगी देश की दिशा?
अगर आप भी जाते हैं हमेशा नेपाल, तो पहले जान लें ये नया नियम… वरना लौटना पड़ सकता है बॉर्डर से वापस
ट्रंप के चीन दौरे से पहले अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान की मदद करने वाली चीनी कंपनियों पर लगाया बैन
ट्रंप को कोर्ट से तगड़ा झटका! 10% नए टैरिफ को बताया गैरकानूनी, क्या भारत के लिए अब खुलेगा फायदे का रास्ता?
कश्मीर के नाम पर ध्यान भटकाने की पुरानी चाल
अपनी इन सैन्य और रणनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने एक बार फिर अपना पुराना ‘कश्मीर राग’ अलापना शुरू कर दिया है। कश्मीर एकजुटता दिवस के मौके पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने भारत के खिलाफ गीदड़भभकी दी है। डार ने 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर आरोप लगाए और पाकिस्तान के कूटनीतिक समर्थन को दोहराने की बात कही।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान यह सब केवल इसलिए कर रहा है ताकि बलूचिस्तान में हो रहे विद्रोह और सुरक्षा बलों पर हो रहे जानलेवा हमलों से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ध्यान हटाया जा सके। पाकिस्तान का यह प्रोपेगेंडा उसकी आंतरिक नाकामियों को छिपाने की एक नाकाम कोशिश मात्र है।
यह भी पढ़ें:- बांग्लादेश चुनाव: BNP की जीत के डर से यूनुस सरकार में भगदड़, कई मंत्रियों ने शुरू की देश छोड़ने की तैयारी
भारत का कड़ा रुख
भारत ने हमेशा की तरह इस बार भी स्पष्ट कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान को इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की बयानबाजी जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकती और न ही वह कश्मीर के नाम पर अपनी जनता को और अधिक गुमराह कर सकता है।
